चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल की मातृ-शिशु इकाई के पीकू वार्ड में बुधवार सुबह आग लग गई। यह आग बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी। हादसे के समय वार्ड में करीब 15 बच्चे भर्ती थे, जिन्हें तत्काल पीडिया वार्ड में शिफ्ट किया गया। यह घटना उस समय हुई जब भालेरी से भर्ती एक बच्चे की मां ने नेबुलाइजर के लिए पैनल बोर्ड में प्लग लगाया। प्लग लगाते ही शॉर्ट सर्किट हुआ और बोर्ड में आग लग गई। वार्ड में मौजूद अग्निशमन यंत्रों की सहायता से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा, सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी और उप अधीक्षक डॉ. इदरीश खान सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे। जांच में पीकू वार्ड में इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) नहीं होने की गंभीर लापरवाही सामने आई। 3 साल पहले गिर गई थी फॉल सीलिंग
अस्पताल स्टाफ ने पहले भी शॉर्ट सर्किट की घटनाओं के बारे में अधिकारियों को सूचित किया था, लेकिन पैनल बोर्ड को दुरुस्त करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। इसके अलावा, करीब 3 साल पहले पीकू वार्ड की फॉल सीलिंग गिर गई थी, जिसे अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है। स्टाफ ने बिजली के दो पैनल बोर्ड बदलने की शिकायत भी की थी, जो अभी तक नहीं बदले गए हैं। निमोनिया से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती थे
गनीमत रही कि अस्पताल में उपलब्ध 6 अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। यदि आग फैलती तो ऑक्सीजन लाइनों के कारण पूरे अस्पताल को अपनी चपेट में ले सकती थी।
वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि वह नाइट ड्यूटी में स्टाफ के साथ थे। पीकू वार्ड में निमोनिया से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती थे, जिन्हें सुबह के समय नेबुलाइज किया जाता है।


