चूरू में धोखाधड़ी कर मंदिर की जमीन बेची:सीजेएम कोर्ट ने आरोपी को 5 साल की सजा और 4 लाख रुपए जुर्माना लगाया

चूरू में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के एक मामले में सीजेएम कोर्ट ने आरोपी को 5 साल के कठोर कारावास और चार लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला 2014 में सदर थाना में दर्ज किया गया था। सात गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर सीजेएम हरीश कुमार ने यह फैसला सुनाया। अपर लोक अभियोजक गोवर्धन सिंह ने बताया कि गांव राजपुरा के दिलीप सिंह ने 7 नवंबर 2014 को सदर थाना में मामला दर्ज करवाया था। दिलीप सिंह ने 2011 में शिव कॉलोनी के पास एक प्लॉट सुशील कुमार से 1 लाख 13 हजार रुपए में खरीदा था। आरोपी ने प्लॉट को अपना बताकर इकरारनामा तैयार किया और पूरी राशि नकद ले ली थी। कुछ समय बाद जब दिलीप सिंह प्लॉट पर पहुंचे, तो वहां जोगी समुदाय के लोग काबिज मिले। उन्होंने बताया कि यह भूमि श्रीमाताजी मंदिर की खातेदारी में है और सुशील कुमार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। परिवादी ने जब जमाबंदी की नकल निकलवाई, तो पुष्टि हुई की प्लॉट मंदिर के नाम दर्ज है। दिलीप सिंह ने जब आरोपी से इस बारे में पूछा, तो उसने बेपरवाही से कहा कि उसका यही काम है। इस मामले में सात गवाहों के बयान और इकरारनामा, जमाबंदी की नकल सहित अन्य दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। सभी साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने जानबूझकर दूसरों की जमीन को अपनी बताकर धोखाधड़ी की और परिवादी से राशि हड़प ली। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अपराधों में उदारता का संदेश नहीं जाना चाहिए, क्योंकि कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए कड़ी सजा जरूरी है। कोर्ट ने यह भी माना कि रियल एस्टेट से जुड़े अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए आरोपी को प्रोबेशन का लाभ देना समाज के लिए विपरीत संदेश होगा। सीजेएम कोर्ट ने सुशील कुमार को पांच साल के कठोर कारावास और चार लाख रुपए का जुर्माना भुगतने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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