चूरू में ब्राह्मण समाज का फूटा आक्रोश:यूजीसी के नए नियमों का विरोध, प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

चूरू के रतनगढ़ में छह न्याति ब्राह्मण महासंघ ने यूजीसी एक्ट 2026 में हुए संशोधन का विरोध किया। बुधवार सुबह संघ से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। महासंघ के नगर अध्यक्ष नवल महर्षि के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि भारत के सभी नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की समानता का प्रावधान है। हालांकि, नए यूजीसी एक्ट 26 में उच्च शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ भेदभाव न होने की व्यवस्था के बजाय उन्हें विभिन्न वर्गों में बांट दिया गया है। कबिलाई संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस एक्ट द्वारा समाज को विखंडित कर एक प्रकार की कबिलाई संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे भारतीय समाज में सामाजिक और मानसिक संघर्ष बढ़ेगा। महासंघ का कहना है कि विश्वविद्यालयों में सभी हितधारकों से केवल स्वर्ण वर्ग के विरुद्ध एक षड्यंत्र रचा गया है।
इसे निंदनीय बताते हुए ज्ञापन में मांग की गई है कि एक्ट में संशोधन कर केंद्रीय सरकार ने स्वर्ण जातियों के खिलाफ जो षड्यंत्र रचा है, उसके लिए संबंधित केंद्रीय मंत्री को उनके पद से हटाया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में महासंघ के तहसील अध्यक्ष अंबिकाप्रसाद हारित सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *