लुधियाना | पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के प्राणिविज्ञान विभाग और ओरियन ऑर्गेनिक्स प्रा. लि. को रेडी-टू-यूज स्टेबल जिंक फॉस्फाइड बेट पर पेटेंट मिला है। यह तकनीक चूहों जैसे कृंतकों को नियंत्रित करने में कारगर साबित होगी। इस पेटेंट के आविष्कारकों में डॉ. बी.के. बब्बर (प्रधान प्राणिविज्ञानी), एम.एससी. छात्रा सोनम कक्कड़ और पीएयू एलुमनस डॉ. राकेश कुमार शामिल हैं। अब तक किसानों को जिंक फॉस्फाइड बेट के प्रयोग में समस्या रहती थी, क्योंकि कृंतक चारा खाने से कतराते या जहर पहचानकर उससे परहेज करने लगते थे। नई तकनीक इस कमी को दूर करती है। यह बेट ज्यादा स्थिर, प्रभावी और कृंतकों द्वारा आसानी से स्वीकार्य है। पीएयू कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल, अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.एस. धत्त और विभागाध्यक्ष डॉ. तेजदीप कौर क्लेर ने इसे किसानों के लिए बड़ा कदम बताया। डॉ. नीना सिंगला ने कहा कि यह नवाचार पर्यावरण अनुकूल, किफायती और किसान-हितैषी समाधान है।


