जाम की समस्या से हो रही परेशानी को लेकर शुक्रवार को झारखंड चैंबर की ट्रैफिक उप समिति की बैठक चैंबर भवन में हुई। उप समिति के चेयरमैन मुकेश पांडेय ने कहा कि किसी भी शहर की लाइफलाइन यातायात व्यवस्था ही है, यातायात की समस्या का निदान के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है। चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस को जाम की समस्या से निजात के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे तेजी से और प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। शहर के विभिन्न चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री रखने के लिए साइनेज बोर्ड का लगाया जाना आवश्यक है। इन्हें नो एंट्री वाली जगहों पर बोर्ड अधिष्ठापित करना चाहिए। साइनेज बोर्ड नहीं लगे होने के कारण लोगों को पता नहीं चलता और फाइन भरना पड़ता है। सदस्यों ने कहा कि रात व दिन के समय अलग-अलग गति सीमा का निर्धारण किया जाए। ऑटो और ई-रिक्शा में मीटर लगाए जाए। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास बाई लेन प्रॉपर व्यवस्था हो। शहर के कई रोड में अवैध रूप से ठेले-खोमचों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है, इन्हें हटाया जाना चाहिए। बैठक में चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी, महासचिव आदित्य मल्होत्रा, कार्यकारिणी सदस्य आस्था किरण, उप समिति चेयरमैन मुकेश पांडेय, सदस्य बिनोद तुलस्यान, आनंद जालान, शशांक भारद्वाज व अन्य मौजूद थे। बैठक में कहा गया कि यातायात पुलिस द्वारा वाइट लाइन का सख्ती से पालन कराया जाए। इस बात पर चर्चा की गई कि शहर में कई जगहों पर खासकर सिग्नल एक साथ चार रास्तों के लिए खुलता है, ट्रैफिक सिग्नल के अव्यवस्थित रहने से हादसों का खतरा बना रहता है। आवश्यक है कि ट्रैफिक सिग्नलों का ऑडिट और आवश्यकता अनुसार सुधार कराने की पहल की जाए। किशोरी यादव चौक से न्यू मार्केट तक ऑटो का कब्जा बना हुआ है । कांके रोड, लेक एवेन्यू में विगत कई वर्षों से रोड के दोनों तरफ गाड़ी लगने से जाम की समस्या बनी रहती है।


