कांग्रेस ने जीएसटी को आतंक कर करार देकर इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को भोपाल पहुंचे छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि मौजूदा जीएसटी से आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ाकर सरकार उसकी कमाई छीन रही है, दूसरी ओर कार्पोरेट सेक्टर के अमीरों को रियायत देकर और ज्यादा अमीर बना रही है। मौजूदा जीएसटी चुने हुए अमीरों की, अमीरों द्वारा, अमीरों के लिए बनाई व्यवस्था है। सिंहदेव ने ऑक्सफैम की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि मौजूदा जीएसटी में ऐसे प्रावधान हैं, जिससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग ज्यादा जीएसटी चुका रहा है, जबकि बड़े अमीर (सुपर रिच) लोग कम टैक्स दे रहे हैं। देश के 10% अमीरों का जीएसटी कलेक्शन में सिर्फ 3 से 4% योगदान है, जबकि देश की निचली 50% आबादी का जीएसटी कलेक्शन में 64% योगदान है। सिंहदेव ने मांग की कि निम्न आय वर्ग से जीएसटी लेना पूरी तरह अव्यवहारिक है। खाद्य वस्तुओं, दवाइयों, हैल्थ बीमा और एजुकेशन पर जीएसटी खत्म करना चाहिए। सिंहदेव ने जीएसटी में सरलीकरण की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में जीएसटी दर की 9 दरें (स्लैब) प्रचलन में हैं, जबकि इन्हें 2 या 3 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। कॉरपोरेट घरानों को कॉरपोरेट टैक्स में 2 लाख करोड़ की वार्षिक छूट दी जा रही हैं। दूसरी ओर स्वास्थ सुरक्षा के हेल्थ इंश्योरेंस कराने वाले लोगों को 18% जीएसटी देना पड़ रहा है। बच्चों की पेंसिल जैसी वस्तुओं पर जीएसटी लिया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि केंद्र पर राज्यों का 2100 करोड़ बकाया है, जिसमें 750 करोड़ मप्र का भी है।


