सर्राफा दुकानों में हो रही लूट और चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए छतरपुर जिले में पुलिस प्रशासन और सर्राफा एसोसिएशन ने शनिवार को संयुक्त रूप से एक अहम पहल शुरू की है। इसके तहत जिले की सभी सर्राफा दुकानों और शोरूमों पर ‘चेहरा खोलकर ही सामान देखें’ के स्टिकर लगाए गए हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के अनुसार अब कोई भी ग्राहक चाहे महिला हो या पुरुष, चेहरा ढककर सीधे दुकान में प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि कोई ग्राहक नकाब, मफलर, गमछा या किसी अन्य माध्यम से चेहरा ढककर दुकान पर आता है, तो उसे पहले सीसीटीवी कैमरे के सामने अपना चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाना अनिवार्य होगा। चेहरा कैमरे में कैद होने के बाद ही ग्राहक को दुकान में प्रवेश दिया जाएगा। आवश्यकता होने पर महिलाएं या युवतियां इसके बाद दोबारा चेहरा ढक सकती हैं। व्यापारियों ने बताया सुरक्षा का कारण
सर्राफा व्यापारी प्रभात अग्रवाल और राधेश्याम सोनी ने बताया कि बीते कुछ समय में चेहरा ढककर आने वाले बदमाशों ने दुकानों की रेकी कर लूट और चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है। इस नई व्यवस्था से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा और किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में अपराधियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। ग्राहक मधु मिश्रा ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर हम गलत नहीं हैं, तो चेहरा दिखाने से डरने की कोई जरूरत नहीं है। जब दुकानदार ग्राहक को भगवान मानता है, तो हमें भी उनकी सुरक्षा और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।” पुलिस प्रशासन का मानना है कि यह कदम अपराध रोकने में प्रभावी साबित होगा। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट चेहरे कैद होने से जांच प्रक्रिया तेज होगी और अपराधियों तक पहुंचना आसान बनेगा। पुलिस ने सर्राफा व्यापारियों के इस सहयोग की सराहना करते हुए अन्य व्यापारिक संगठनों से भी इसी तरह की सतर्कता अपनाने की अपील की है। पुलिस का दावा है कि पहचान उजागर होने के डर से अपराधी वारदात को अंजाम देने से पहले ही सोचने को मजबूर होंगे। ग्राहकों से सहयोग की अपील
सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभात अग्रवाल ने सभी सम्मानित ग्राहकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह व्यवस्था व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा के लिए है। इस संयुक्त पहल से शहर में सर्राफा दुकानों में होने वाली लूट और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगने की उम्मीद जताई जा रही है।


