छतरपुर में कैंडी-गोरगांय सीमा पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि स्टे ऑर्डर के बावजूद निर्माण कार्य जारी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कैंडी बावर ब्रिज के पास दोनों हल्कों की सीमाएं मिलती हैं। गोरगांय हल्का के खसरा नंबर 316 में नाले की शासकीय भूमि और कैंडी हल्का के खसरा नंबर 2152 में शासकीय सड़क दर्ज है। आरोप है कि मोहम्मद नसीम इन दोनों खसरा नंबरों के बीच की सरकारी जमीन पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण करा रहे हैं और उन्हें बेचने की तैयारी में हैं। शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि नाले और सड़क की भूमि पर निर्माण राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और टीएनसी (TNC) नियमों का उल्लंघन है। उनका आरोप है कि संबंधित पटवारी और आरआई ने बिना सार्वजनिक सूचना और संयुक्त नाप के आरोपी को लाभ पहुंचाया। चूंकि यह क्षेत्र दो हल्कों की सीमा पर स्थित है, इसलिए संयुक्त नाप अनिवार्य है। ग्रामीणों का दावा है कि पटवारी की रिपोर्ट में निर्माण को अवैध बताया गया था, जिसके आधार पर तहसीलदार ने स्टे ऑर्डर जारी किया था। इसके बावजूद, आरोपी द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीण लखन पटेल ने कलेक्टर से स्टे उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई, सरकारी भूमि की सुरक्षा, संबंधित राजस्व कर्मचारियों की संयुक्त जांच और अवैध निर्माण रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण सरकारी जमीनें तेजी से अतिक्रमण का शिकार हो रही हैं।


