बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर पूरे भारत में आक्रोश है। विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठन देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में छतरपुर में भी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश का पुतला जलाकर छत्रसाल चौराहे पर नारेबाजी की। अब इस मामले पर छतरपुर पुलिस के एक अधिकारी ने भी अपनी बात रखी है। छतरपुर शहर के ओरछा रोड थाने में पदस्थ थाना प्रभारी दीपक यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का उल्लेख किया है। हालांकि वायरल होते ही उन्होंने वीडियो को डिलीट कर दिया। टीआई दिसंबर 2024 से ओरछा रोड में पदस्थ हैं। बांग्लादेश में हो रही घटना अमानवीय
यादव ने अपने वीडियो में बताया कि बांग्लादेश में एक हिंदू युवक को सरेआम फांसी दी गई, उसकी नृशंस हत्या की गई और फिर उसे जिंदा जलाया गया। उन्होंने इन घटनाओं को अमानवीय बताया। थाना प्रभारी यादव ने कहा कि ऐसे व्यवहार करने वाले लोगों से उन्हीं की भाषा में बात की जानी चाहिए। उन्होंने धार्मिक शिक्षा और परवरिश को कट्टरता का आधार बताया, जिससे मानवीय दृष्टिकोण का अभाव दिखता है। यादव ने यह भी कहा कि ऐसे कृत्यों के प्रति विश्व में फैली नफरत गलत नहीं है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी ऐसी नृशंस हत्याएं और दुराचार हुए हैं, जिसके कारण बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हुआ। उन्होंने धर्मांतरण करने वालों से अपने 300-400 साल पुराने इतिहास को देखने का आग्रह किया।


