छतरपुर जिले के हरपालपुर में नगर परिषद की लापरवाही के कारण लोगों को पीने के लिए गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद भी यहां पेयजल व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। बीते कई दिनों से नगर के अलग-अलग वार्डों में नलों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिकायत करने पर लोगों से कहा जाता है कि नल खुलने के 10 मिनट बाद पानी भरें, ताकि गंदा पानी निकल जाए। लेकिन अब तक यह पता नहीं लगाया जा सका है कि गंदा पानी सप्लाई में कहां से मिल रहा है। लोग बोले- कई सालों से नहीं हुई सफाई
नगर की करीब 50 हजार गैलन क्षमता वाली पानी की टंकी की हालत भी खराब है। बताया जा रहा है कि इस टंकी की कई सालों से सफाई नहीं कराई गई है, जबकि इसी टंकी से पूरे नगर में पानी सप्लाई होता है। इंदौर हादसे के बाद जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देश पर पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी अब भी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि दूषित पानी की असली वजह क्या है। हाल ही में जब टंकी से पानी छोड़ा गया तो फिर से बदबूदार पानी घरों में पहुंचा। पानी की तेज बदबू से लोगों को उल्टी जैसा महसूस हुआ। एक महिला ने गंदे पानी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला, जिसके बाद नगर परिषद और जल निगम के कर्मचारी वार्डों में जाकर पानी की जांच करने पहुंचे और नमूने लिए गए। पीने तो छोड़ो नहाने लायक भी नहीं पानी
वार्ड 9 के निवासी राजेश सोनी ने बताया कि नल आने के समय कोई अधिकारी मौके पर नहीं रहता। जो पानी आ रहा है, वह न नहाने लायक है और न ही पीने लायक। वहीं राकेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले छह महीने से गंदा पानी आ रहा है और शिकायतें करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में 30 साल पुरानी पाइपलाइन जगह-जगह से खराब हो चुकी है, जिससे नालियों का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है। कई इलाकों में पानी की लाइनें नालियों से होकर गुजर रही हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद जल्द से जल्द टंकी की सफाई कराए, पुरानी पाइपलाइनों को बदले और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करे। इंदौर जैसी घटना के बाद भी यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।


