छतरपुर के सिविल लाइन थाने में रविवार को चिटफंड कंपनी पिनकॉन ग्रुप (कोलकाता) के प्रमुख मनोरंजन राय समेत 31 डायरेक्टर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। केस धारा 420, 406, 409, 120-बी और मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 6(1) के तहत दर्ज किया गया। इस मामले का बैतूल से भी संबंध है। पिनकॉन ग्रुप ने बैतूल जिले के डेहरगांव में स्थित 5.35 एकड़ भूमि को फर्जी तरीके से अपने कब्जे में ले लिया था। जानकारी के अनुसार, कंपनी के डायरेक्टर्स के जेल में रहने के दौरान सिद्धार्थ राय और अमल शाह के जरिए बैक डेट में फर्जी दस्तावेज तैयार कर 11 मार्च 2019 को एस स्क्वायर इंफ्रा जॉन लिमिटेड कानपुर के डायरेक्टर सौरभ सिंह भदौरिया के नाम रजिस्ट्री कराई गई थी। इस जमीन पर अब न्यायालय ने रोक लगा दी है। एडवोकेट रमेश के. साहू (इटारसी) ने बताया कि पिनकॉन ग्रुप ने अस्क फाइनेंशियल सर्विस, एलआरएन फाइनेंस, एलआरएन यूनिवर्स प्रोड्यूसर, ग्रीन एज और उत्कल मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी जैसी पांच कंपनियों के माध्यम से छतरपुर जिले के 669 निवेशकों से 4.83 करोड़ रुपए की ठगी की। यह राशि एफडी, आरडी और एमआईएस के रूप में जमा कराई गई थी। निवेशकों को अधिक ब्याज और अन्य उत्पादों का लालच दिया गया था, लेकिन अप्रैल 2018 में कंपनी छत्रसाल चौराहा स्थित अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गई। दो साल पहले कार्रवाई के आदेश जारी हुए थे छतरपुर कलेक्टर ने दो वर्ष पहले 5 दिसंबर 2023 को इस मामले में आदेश जारी किए थे। इन आदेशों में निवेशकों की 5.91 करोड़ रुपए की राशि ब्याज सहित वसूलने, बैतूल स्थित संपत्ति कुर्क करने, कंपनी के 9 बैंक खाते फ्रीज करने और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश शामिल थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में दीनदयाल कुशवाहा सहित अन्य निवेशकों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। सूत्रों के मुताबिक, सागर और नर्मदापुरम जिलों में भी इसी मामले में केस दर्ज होने की तैयारी है। यह चिटफंड घोटाला अब बैतूल, छतरपुर, सागर और नर्मदापुरम सहित चार जिलों तक फैल गया है।


