छतरपुर जिले के चौरसिया समाज ने महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मांग की कि जिले में स्थापित होने वाले नए मेडिकल कॉलेज का नाम प्रसिद्ध एनाटॉमी विशेषज्ञ डॉ. बी.डी. चौरसिया के नाम पर रखा जाए। यह ज्ञापन शुक्रवार दोपहर बाद कलेक्टर कार्यालय में दिया गया। चौरसिया समाज के सदस्यों ने बताया कि डॉ. बी.डी. चौरसिया का जन्म छतरपुर जिले के बारीगढ़ गांव में हुआ था। वे ह्यूमन एनाटॉमी के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उनकी लिखी किताबें दुनिया भर के मेडिकल छात्रों के लिए मार्गदर्शक साबित हो रही हैं और इन किताबों के बिना मेडिकल शिक्षा अधूरी मानी जाती है। छतरपुर के बारीगढ़ में जन्मे थे डॉ. चौरसिया
मानिक चौरसिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. बी.डी. चौरसिया छतरपुर के बारीगढ़ में जन्मे थे। वे एनाटॉमी के जनक के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। उनकी किताबें भारत ही नहीं, विदेशों में भी लाखों डॉक्टरों की पढ़ाई का आधार बनी हैं। उन्होंने कहा, “बिना उनकी किताब पढ़े कोई डॉक्टर नहीं बन सकता। इसलिए हमारी मांग है कि छतरपुर के मेडिकल कॉलेज का नाम उनके सम्मान में डॉ. बी.डी. चौरसिया मेडिकल कॉलेज रखा जाए।” चौरसिया समाज के जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार चौरसिया ने कहा कि बारीगढ़ निवासी डॉ. बी.डी. चौरसिया ने एनाटॉमी के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मांग पूरे जिले वासियों की कि नए मेडिकल कॉलेज का नाम उनके नाम पर हो और उन्हें उचित सम्मान दिया जाए। उन्होंने बताया कि यह ज्ञापन उच्च शिक्षा मंत्री एवं राज्यपाल के नाम प्रशासन को सौंपा गया है।


