छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर कालाहांडी जिले में 10 करोड़ रुपये की डकैती का खुलासा हुआ है। डकैती में शामिल झारखंड के 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। धर्मगढ़ की देशी शराब दुकान से 30 जनवरी की रात हुई इस डकैती में पुलिस ने 3.51 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि डकैती की कुल रकम 10 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। कालाहांडी के एसपी अभिलाष ने मामले का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि डकैती की साजिश का मास्टरमाइंड शराब दुकान का कर्मचारी अनुज कुमार है, जिसे 6 महीने पहले दुकान से निकाल दिया गया था। अनुज रांची के चांदहो थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसे पता था कि धर्मगढ़ क्षेत्र की 9 शराब दुकानों की कमाई यहां जमा की जाती है। इसके बाद उसने साथियों के साथ मिलकर लूटकांड की साजिश रची। डकैतों ने वारदात को अंजाम देने के लिए झारखंड नंबर की बोलेरो का इस्तेमाल किया। वे 29 जनवरी की रात को कालाहांडी पहुंचे और अपनी गाड़ी को बीजू एक्सप्रेस के पास गोल चौक पर खड़ा किया। मामले की शिकायत 31 जनवरी को दुकान के फील्ड कर्मी चंदन ने धर्मगढ़ थाने में दर्ज कराई थी। यह दुकान छत्तीसगढ़ की सीमा से महज 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सूत्रों का दावा डकैती की रकम 10 करोड़ से ज्यादा
पुलिस द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक, डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद कुछ आरोपी 30 जनवरी को बोलेरो वाहन से भागे थे। वहीं, दो आरोपी बाइक से भागने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ढाई करोड़ कैश के साथ गोल चौंक में गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लगातार दो दिनों तक छापेमारी की और वारदात में शामिल अन्य छह आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। हालांकि, इस डकैती का मास्टरमाइंड का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है और वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। इधर, लूट की रकम 10 करोड़ रुपये से ज्यादा थी, जिसे वारदात के बाद रात ही आपस में बांट लिया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बोलेरो गाड़ी में बैठकर आए थे और उसी से फरार हुए। लेकिन सवाल यह उठता है कि इतनी भारी रकम को दो आरोपियों के पास क्यों छोड़ दिया गया, जबकि उन्हें इस लूट में शामिल अन्य आरोपियों का सहयोग भी मिला था? अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार आरोपियों से 1 करोड़ रुपये बरामद
झारखंड के तीन अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किए गए आरोपियों से 1 करोड़ रुपये की राशि बरामद हुई है। बावजूद इसके, डकैती का मास्टरमाइंड अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। प्रदेश में जम कर खपाया जा रहा ओडिशा का शराब धर्मगढ़ के जिस देशी शराब दुकान में डकैती हुई उसके अधीन 9 से ज्यादा वैध और अवैध दुकानें आती थी। छत्तीसगढ़ सीमा से लगे कई अवैध दुकानें भी इसी ब्रांच का हिस्सा हैं। लेनदेन कैश में होता है। प्रदेश में चुनाव चल रहा है।छत्तीसगढ़ की शराब ओडिशा की तुलना में सस्ती है। जनवरी माह से ही सीमावर्ती दुकानों की सेलिंग बढ़ गई है। बताया जाता है कि धर्मगढ़ इलाके के ठेकेदार का पूरे कालाहांडी में 35 से ज्यादा दुकानें हैं। अवैधानिक रकम जमा करने का ठिकाना धर्मगढ़ को बताया जा रहा है। डकैती की कहानी में सच्चाई ज्यादा, अफवाह कम
10 करोड़ रुपये से अधिक की डकैती की घटना को लेकर कई अफवाहें भी फैल रही हैं, लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है, उससे यह लगता है कि इस मामले में अफवाहें कम और सच्चाई ज्यादा है। प्रशासन और पुलिस विभाग इस पूरे मामले की गहरी छानबीन कर रहे हैं, और जल्द ही मास्टरमाइंड को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।


