छत्तीसगढ़ के 160 करोड़ रुपए के कस्टम मिलिंग घोटाले में बीते एक साल से सेंट्रल जेल रायपुर में बंद मार्कफेड के तत्कालीन MD मनोज सोनी को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। मनोज सोनी को ED और EOW के दोनों ही प्रकरणों में हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। बता दें कि कस्टम मिलिंग घोटाले को लेकर पहले ED और फिर EOW ने FIR दर्ज की थी। हाईकोर्ट में मनोज सोनी की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। मनोज सोनी की याचिका पर बीते 13,14 और 15 अप्रैल को जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की कोर्ट में लगातार सुनवाई हुई थी। बीते 15 अप्रैल को जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मार्कफेड के तत्कालीन MD मनोज सोनी ED और EOW के दोनों प्रकरणों में जमानत दे दी है। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि मनोज सोनी की हिरासत ही अवैध है। बचाव पक्ष ने कोर्ट से कहा- हाईकोर्ट पहले ही इस कस्टम मिलिंग केस में ED के आपराधिक केस और EOW के चार्जशीट के संज्ञान को खारिज कर चुकी है। हाईकोर्ट ने यह पाया था कि, 197 सीआरपीसी की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।


