छत्तीसगढ़ का पहला केस:ब्रश करते समय हल्का स्ट्रेन पड़ा और फट गई गर्दन की नस, 6 घंटे की कठिन सर्जरी के बाद मिली नई जिंदगी

राजधानी के एक 40 वर्षीय युवक के गर्दन की प्रमुख धमनी (कैरोटिड आर्टरी) अचानक फट गई। इस दौरान युवक ब्रश कर रहा था और हल्का झटका पड़ने पर यह स्थिति निर्मित हुई। देखते ही देखते युवक के गले में अचानक तेज दर्द हुआ और गला सूज गया। थोड़ी ही देर में वह बेहोश हो गया। परिजन उसे तत्काल मेकाहारा के इमरजेंसी विभाग में लेकर पहुंचे। प्रारंभिक जांच के बाद युवक को अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में ट्रांसफर किया गया। यहां सभी तरह की जांच के बाद उसकी स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर की सर्जरी की गई। यह दुनिया का 10वां और छत्तीसगढ़ का पहला मामला है। हर सेकंड चुनौती, पहले तो धमनी को पहचानना, जरा सी गलती से स्ट्रोक और ब्रेन डेड होने का खतरा ब्रश करते समय धमनी का फटना मे​डिकल साइंस में दुर्लभ, ​कुछ ही मिनट में जा सकती है जान स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर अत्यंत दुर्लभ है। क्यो​कि ज्यादातर मामलों में धमनी ट्रामा, संक्रमण, कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर या एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण फटती है। लेकिन इस मरीज में कोई पूर्व बीमारी नहीं थी। बिना किसी कारण एक सामान्य गतिविधि जैसे ब्रश करते समय धमनी का फट जाना मेडिकल साइंस में दुर्लभ घटना है। मरीज जब हमारे पास आया तो वह बेहोश था और उसकी गर्दन सूजी हुई थी। यह सामान्य लक्षण नहीं होते। इसलिए तत्काल ही मरीज की सीटी एंजियोग्राफी कराई गई। जांच रिपोर्ट आते ही हमें पता चला कि उसकी दाईं कैरोटिड आर्टरी फट चुकी थी और उसके चारों ओर गुब्बारे जैसी संरचना बन गई थी। इसे कैरोटिड आर्टरी स्यूडोएन्युरिज्म कहते हैं। ऐसी स्थिति मिनटों में जान जा सकती है। सभी तरह की जांच के बाद हमने तत्काल ही सर्जरी करने का फैसला लिया। सर्जरी के दौरान हर सेकंड चुनौती थी, लेकिन पहली चुनौती यह थी कि गर्दन में खून का भारी जमाव होने से धमनी को पहचानना मुश्किल था। थोड़ी भी देरी या गलत कट मरीज के जीवन को तत्काल खतरे में डाल सकता था। ऑपरेशन के दौरान बड़ा जोखिम यही था कि कहीं खून का थक्का मस्तिष्क तक न पहुंच जाए। करीब 6 घंटे की सर्जरी में हमने अत्याधुनिक तकनीक से बोवाइन पेरिकार्डियम पैच की सहायता से धमनी की मरम्मत की। सर्जरी सफल रही और राहत की बात यह है कि मरीज को लकवे का कोई लक्षण नहीं हुआ और वह में पूरी तरह स्वस्थ है। टीम में ये रहे शामिल| मुख्य सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. संकल्प दीवान, डॉ. बालस्वरूप साहू, जूनियर डॉ. आयुषी, डॉ. अंशिका, डॉ. ख्याति, डॉ. आकांक्षा साहू, डॉ. संजय, डॉ. ओमप्रकाश, नर्सिंग स्टाफ के तौर पर राजेंद्र, नरेन्द्र, चोवा, दुष्यंत, मुनेश, नूतन, प्रियंका, शीबा और टेक्नीशियन भूपेन्द्र, हरीश इस टीम में शामिल रहे। जानिए…क्या है स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर?

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *