मध्यप्रदेश के जबलपुर में जैन समाज पर हुए लाठी चार्ज घटना की छत्तीसगढ़ के जैन समाज ने निंदा की है। भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति, सकल जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने कहा कि जैन समाज पर लाठी चार्ज करना प्रशासन की असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हिंसा का मूल भावना को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करनी चाहिए थी। धैर्य की कमी के कारण इस तरह के विवाद होते है। छोटी सी बात का विवाद था। संपूर्ण जैन समाज के लिए अपशब्द का प्रयोग करना निंदनीय है। अब जानिए जबलपुर में क्या हुआ था 2 जनवरी की रात जबलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में बड़कुल होटल के सामने गाली-गलौज को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते जैन समाज के सैकड़ों लोग घरों से बाहर निकल आए। विवाद की जानकारी लगते ही करीब 12 बजे 8-10 थानों का स्टाफ बड़ा फुहारा पहुंचा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया। इस विवाद में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। होटल मैनेजर से हुई थी कहासुनी जानकारी के मुताबिक स्थानीय निवासी राजकुमार जैन रात करीब 11 बजे बड़कुल स्वीट्स पहुंचे थे। वहां मौजूद मैनेजर रोहित राजपूत से उनकी कहासुनी हो गई। राजकुमार का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई। विवाद बढ़ने पर रोहित ने किसी को कॉल किया। उसके साथी बेसबॉल के बैट लेकर मौके पर पहुंचे और मारपीट की। घटना को लेकर जैसे ही जैन समाज के लोगों को पता चला तो सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे और मैनेजर रोहित राजपूत के साथियों पर टूट पड़े। जान बचाकर युवक दुकान में घुस गए। मारपीट के दौरान समाज विशेष के खिलाफ अपशब्द रजकुमार जैन का आरोप है कि मारपीट के दौरान समाज विशेष के खिलाफ अपशब्द कहे गए, जिससे जैन समाज में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दो आरोपियों को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में लिया और थाने ले गई। एक अन्य आरोपी बड़कुल स्वीट्स के अंदर छिप गया था, जिसे बाहर निकालने के लिए भीड़ अंदर घुसने लगी तो पुलिस ने रोका। विवाद और बढ़ गया, लिहाजा पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। बताया जा रहा है कि अगर पुलिस आरोपियों को छुड़ाकर थाने नहीं ले जाती तो बड़ी घटना हो सकती थी।


