छत्तीसगढ़-झारखंड बार्डर पर बस हादसा…IG ने बनाई जांच टीम:36 सीटर स्कूल बस में सवार थे 86 ग्रामीण, अबतक 10 लोगों की मौत, 76 घायल

छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के ओरसा घाट पर रविवार को बस हादसे का शिकार हो गई। अब सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने जांच टीम बनाई है। बलरामपुर एडिशनल एसपी के नेतृत्व में टीम हादसे की जांच करेगी। झारखंड में भी जांच के लिए टीम बनाई गई है। हादसे में 10 ग्रामीणों की मौत हो गई थी, जिनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया गया। बलरामपुर जिले से झारखंड सगाई समारोह में जा रहे ग्रामीणों से भरी स्कूल बस ओसरा घाट पर बेकाबू होकर पेड़ से टकराते हुए पलट गई थी। बस में 86 ग्रामीण सवार थे। जिनमें से 5 लोगों की मौके और 5 लोगों की अलग-अलग हॉस्पिटलों में मौत हो गई। बस में पीपरसोत, महाराजगंज और बुद्धडीह आदि गांवों के लोग सवार थे। हादसे में कुल 77 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 19 को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों का इलाज छत्तीसगढ़ और झारखंड के अस्पतालों में चल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। आईजी ने बनाई जांच टीम, जांच के पॉइंट तय सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने बस हादसे की जांच के लिए जांच टीम का गठन किया है। बलरामपुर एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम हादसे में लापरवाही की जांच करेगी। जांच के तय बिंदुओं में निजी स्कूल बस को दूसरे राज्य में जाने की वैध अनुमति/परमिट थी या नहीं। वाहन के फिटनेस, पंजीयन की वैद्यता, ड्राइवर के हैवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस की वैद्यता, क्षमता से अधिक यात्रियों की संख्या, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की जांच की जाएगी। वहीं झारखंड में भी हादसे की जांच के लिए टीम गठित की गई है। झारखंड प्रशासन ने एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई है। टीम मंगलवार को हादसे का कारण जानने मौके पर पहुंची थी। टीम ने बस को सीधा किया और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। 36 सीटर बस में 86 सवारी, ब्रेक फेल होने से हादसा हादसे का शिकार हुई स्कूल बस क्रमांक सीजी 15 एबी 0564 बस महिंद्रा टूरिस्टर 5400 माडल की बस है। उस बस की क्षमता 36 सीटर है। साल 2014 में निर्मित उक्त बस ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल के नाम पर रजिस्टर्ड है। बस को स्कूल संचालक के बेटे विकास पाठक चला रहे थे। हादसे में विकास पाठक के दोनों पैर टूट गए हैं। विकास पाठक ने अपने बयान में बताया कि, हादसे के पहले बस बंद हो गई थी। ढलान में बस की रफ्तार काफी तेज हो गई। जब यह समझ में आया कि बस अब नहीं रुक सकती तो उन्होंने बस को एक पेड़ से टकरा दिया। जिसके बाद बस पलट गई। आगे 40 फीट की खाई थी, यदि बस खाई में गिरती तो शायद कोई नहीं बच पाता। गांव में पसरा मातम, कोई परिवार अछूता नहीं हादसे का शिकार हुए लोग पीपरसोत निवासी जय चंद नायक की बेटी के सगाई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए झारखंड जा रहे थे। हादसे में 400 की आबादी वाले पीपरसोत गांव का कोई परिवार अछूता नहीं, जिसके घर से कोई घायल न हुआ हो। हादसे में मारे गए 10 में से 7 लोग पीपरसोत के थे, जिनका अंतिम संस्कार पीपरसोत में किया गया। दो मृतक महाराजगंज और एक बलरामपुर का था। हादसे के बाद तीन दिन तक गांव में चूल्हा भी नहीं जला। हादसे ने कई परिवारों को तोड़ दिया है। पीपरसोत निवासी प्रेमा देवी की हादसे में मौत हो गई। वह अपने तीन छोटे बच्चों के साथ बस में सवार थी। पति की चार साल पहले मौत हो गई थी। हादसे में उनका एक बेटा आईसीयू में भर्ती है। अंतिम संस्कार के लिए हॉस्पिटल में एडमिट दूसरे बेटे को छुट्टी कराकर गांव लाया गया। जिसने अपनी मां को मुखाग्नि दी। एक ही दिन 7 लोगों की शवयात्रा निकली तो पूरा गांव रो पड़ा। घायलों में 26 का इलाज अंबिकापुर, 24 का बलरामपुर हॉस्पिटल और गंभीर रूप से घायलों का इलाज झारखंड के हॉस्पिटलों में किया जा रहा है।

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