छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर में सुरक्षाबलों ने 12 नक्सली मार गिराए:शव और हथियार बरामद; बस्तर में 24 घंटे में 2 IED ब्लास्ट, 4 जवान घायल

छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया है। सभी माओवादियों के शव लेकर जवानों की एक टीम कोंडापल्ली पहुंची। घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार भी मिले हैं। इलाके में सर्चिंग अब भी जारी है। इधर नारायणपुर में नक्सलियों की लगाई IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आकर दो BSF (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) जवान घायल हो गए हैं। दोनों का इलाज जारी है। इससे पहले गुरुवार को बीजापुर में भी IED ब्लास्ट की चपेट में आने से 2 जवान घायल हुए थे। सेंट्रल कमेटी और बटालियन नंबर-1 से मुठभेड़ बीजापुर के पुजारी कांकेर में गुरुवार दिनभर मुठभेड़ चली। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के करीब 1500 से ज्यादा जवान ऑपरेशन पर निकले थे। बस्तर IG सुंदरराज पी ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस को इनपुट मिले थे कि, पामेड़ इलाके में भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। सूचना के आधार पर 3 जिलों से DRG, कोबरा 205, 206, 208, 210 बटालियन के जवानों समेत CRPF की टीम को 2 दिन पहले सर्च ऑपरेशन के लिए निकाला गया था। नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी और बटालियन नंबर 1 के साथ जवानों की मुठभेड़ हुई। नक्सलियों की दोनों टीम में कई बड़े लीडर मौजूद हैं। इन पर मिनिमम 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है। गुरुवार को दिनभर रुक-रुककर हुई फायरिंग गुरुवार तड़के माओवादियों और पुलिस के बीच में मुठभेड़ शुरू हुई। दिनभर रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। हालांकि देर शाम तक खबर मिली की जवानों ने करीब 10 से 12 माओवादियों को एनकाउंटर में मार गिराया है। अलग-अलग टीमों के साथ मुठभेड़ हुई है। शाम तक मुठभेड़ रुक गई थी। जवान नक्सलियों के कोर इलाके को घेर रखे थे। आज (शुक्रवार) सुबह फिर से इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। करीब 1500 से ज्यादा जवान इलाके में ही मौजूद हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब जवान लौटेंगे, सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया जाएगा तभी नक्सलियों को कितना नुकसान हुआ है इस बारे में पता चलेगा। नक्सलियों की ये टीम है सक्रिय 3 जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के जिस सरहदी इलाके में मुठभेड़ हुई, वहां नक्सलियों की बटालियन नंबर 1, कंपनी नंबर 9, पामेड़ एरिया कमेटी के नक्सली सक्रिय हैं। यहां नक्सलियों का CC (कोर कमेटी) मेंबर हिड़मा भी है। IED की चपेट में आए जवान गुरुवार दोपहर बीजापुर जिले के बासागुड़ा थाना क्षेत्र में कोबरा बटालियन के 2 जवान IED की चपेट में आ गए। साथी जवानों ने गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि पुतकेल कैंप से जवान सर्च ऑपरेशन पर निकले थे। नक्सलियों ने इलाके में पहले से ही IED लगा रखी थी। इसी दौरान जवानों के पैर का दबाव IED पर पड़ा, जिससे जोरदार धमाका हुआ। दोनों जवानों के पैर में चोटें आई हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। 12 जनवरी को 5 नक्सली मारे गए
इसके पहले 12 जनवरी को फोर्स ने बीजापुर के मद्देड़ इलाके में 2 महिला नक्सली समेत 5 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पांचों के शव के साथ SLR और राइफल बरामद किए थे। बीजापुर SP जितेंद्र यादव ने इसकी पुष्टि की थी। वहीं बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया था कि नेशनल पार्क एरिया कमेटी के माओवादियों को रविवार सुबह से जवानों ने घेर रखा था। सुबह से बंदेपारा-कोरंजेड़ के जंगल में शाम 3-4 बजे तक रुक-रुककर फायरिंग चली। जवानों ने राइफल और BGL बरामद किया
बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया था कि मुठभेड़ स्थल से एक SLR राइफल, 12 बोर बंदूक, 2 सिंगल शॉट बंदूक, एक BGL लॉन्चर, 1 देशी बंदूक (भरमार) के साथ विस्फोटक, नक्सल साहित्य और नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
अब तक हुए बड़े नक्सली हमलों की टाइमलाइन …………………………. नक्सली मुठभेड़ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सुकमा-बीजापुर बॉर्डर में मुठभेड़…3 नक्सली ढेर: DRG, STF और कोबरा की टीम ने माओवादियों को घेरा; सर्चिंग ऑपरेशन जारी इससे पहले छत्तीसगढ़ में सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर में 9 जनवरी को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई थी। इसमें 3 नक्सलियों को जवानों ने ढेर किया था। DRG, STF और कोबरा की टीम ने नक्सलियों के बटालियन नंबर-1 इलाके को घेरा था। पढ़ें पूरी खबर…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *