पहलगाम अटैक के बाद छत्तीसगढ़ में भी पुलिस का सर्चिंग अभियान तेज हो गया है। ना सिर्फ पाकिस्तानी बल्कि अवैध तरीके से रह रहे सभी लोगों की तलाशी ली जा रही है। इसके लिए अलग-अलग शहरों की पुलिस एक्टिव हो गई है। रविवार को दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ में पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी। बिलासपुर में 300 से अधिक संदिग्ध संदेहियों को पुलिस ने पकड़ा है। वहीं रायगढ़ पुलिस ने बाहर से आए लोगों का वेरिफिकेशन शुरू किया। रविवार सुबह कोतवाली पुलिस शहर के अलग-अलग मोहल्लों में दबिश देकर करीब 50 लोगों को थाने लेकर पहुंची। दुर्ग में भी तीन अलग-अलग टीम ने एएसपी के नेतृत्व में छापेमारी की। विस्तार से जानिए अलग-अलग शहरों में क्या एक्शन हुए एसपी विजय अग्रवाल ने 3 एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर, अभिषेक झा और पद्मश्री तंवर के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीम बनाई है। सभी अधिकारियों ने सुबह तड़के साढ़े 4 बजे पूरे पुलिस बल के साथ रेड मारी। ये सभी रेड मुख्य रूप से मुस्लिम बाहुल्य इलाके में की गई है। इन जगहों पर पड़ा छापा लोगों के लिए गए फिंगर प्रिंट दुर्ग ग्रामीण एएसपी अभिषेक झा ने बताया कि, बात सिर्फ पाकिस्तानी की नहीं है, जो भी अवैध तरीके से रह रहा है उन पर कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस ने हर एक घर की तलाशी ली। लोगों के निवास से संबंधित वैध डाक्यूमेंट्स चेक किए गए। इसके साथ ही सभी लोगों के फिंगर प्रिंट्स लिए गए। इसे पुलिस अपने ऐप के जरिए आपराधिक रिकॉर्ड से मिलान करेगी। छापेमारी के दौरान पकड़ाए कई आरोपी पुलिस ने जब बॉम्बे आवास में छापेमारी की, तो इस दौरान 4 फरार वारंटी मिले जिन्हें हिरासत में लिया गया। इसके साथ सशक्त ऐप के माध्यम से एक चोरी की स्कूटी मिली है। इसकी शिकायत सरस्वती नगर थाना रायपुर में दर्ज है। दो ऐसे लड़के मिले जो छिनैती कर भागे थे। पुलिस ने दोनों को छिनैती के सामान के साथ गिरफ्तार किया है। सभी से पुलिस मोहन नगर थाने में पूछताछ करेगी। बिलासपुर में रविवार को 300 से अधिक संदिग्ध लोगों को पुलिस ने पकड़ कर सघन पूछताछ की है। अधिकांश संदेही पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, मिदनापुर जिलों और यूपी के कई जिलों से बिलासपुर आए हैं। इनके आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल ICJS पोर्टल से की जा रही है। बिलासपुर में कार्रवाई की तस्वीरें- पांच थानों में लाए गए संदिग्ध संदेही अभियान के दौरान तोरवा, तारबाहर, सिविल लाइन, सरकंडा एवं सिरगिट्टी थाना क्षेत्रों में विशेष रूप से गुंडे-बदमाशों तथा बाहरी राज्यों से आए संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग की गई। इस दौरान 300 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को विभिन्न थानों में लाकर उनकी पहचान, निवास स्थान, दस्तावेजों एवं गतिविधियों का विधिवत परीक्षण किया गया। साथ ही इन थाना क्षेत्रों में एक्टिव 20 गुंडे-बदमाशों की भी विधिवत जांच की गई। रविवार की सुबह रायगढ़ की कोतवाली पुलिस इंदिरा नगर और आसपास के मोहल्लों से करीब 50 लोगों को थाने ले आई। यहां सभी के आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि इसमें अधिकांश मुर्शिदाबाद और पश्चिम बंगाल के दूसरे जिले के लोग हैं, जो रायगढ़ में कमाने-खाने के लिए आए हुए हैं। अभी तक किसी संदिग्ध के मिलने की बात नहीं आई है। थाना में नहीं कराते मुसाफिरी दर्ज बताया जा रहा है कि शहर में कबाड़, भवन निर्माण और अलग-अलग कामों के लिए ठेकेदार दूसरे राज्यों से मजदूरों को ले आते हैं, लेकिन थाने में मुसाफिरी दर्ज नहीं कराते। न ही किसी तरह से पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाता है। इससे बाहरी राज्यों से आकर कई लोग यहां किराए में रहने लगे हैं। कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल ने बताया कि फिलहाल करीब 50 लोगों को थाने लाया गया है, जो बाहरी राज्यों से आकर शहर में रह रहे थे। इन सभी की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अवैध रूप से तो नहीं रह रहा है। इससे पहले 37 पकड़ाए थे पुलिस ने 23 अप्रैल को ऐसे 37 लोगों को पकड़ा था, जो लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। पूंजीपथरा पुलिस ने 19 और कोतवाली पुलिस ने 18 लोगों पर कार्रवाई की थी।


