छत्तीसगढ़ में दुधारू पशुपालन योजना शुरू:6 जिलों में 325 आदिवासी महिलाओं को मिलेंगी साहीवाल नस्ल की 650 गायें

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के भोंगापाल गांव में दुधारू पशु प्रदाय योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने प्राचीन शिव मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद साहीवाल नस्ल की गायें महिला हितग्राहियों को सौंपी। योजना के पहले चरण में ग्राम मसौरा की सनिता नेताम और पार्वती नेताम को गायें दी गईं। यह योजना राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से चलाई जा रही है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 6 जिलों में चलेगा पायलट प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के माध्यम से यह पायलट प्रोजेक्ट 6 जिलों में शुरू किया गया है। इसमें जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ शामिल हैं। योजना के तहत 325 अनुसूचित जनजातीय परिवारों की महिलाओं को 650 दुधारू पशु दिए जाएंगे। योजना से डेयरी उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देना है। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनके आर्थिक और सामाजिक स्तर में सुधार लाना है। इससे राज्य में दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक रूप से सशक्त होने से पूरा परिवार और समाज मजबूत होगा।

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