केंद्र सरकार की तरफ से लागू नए GST 2.0 में दरों को लेकर छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज से बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार अभियान शुरू कर रही है। बीजेपी ने इसे ‘GST उत्सव’ के रूप में मनाने का ऐलान किया है। इस मौके पर प्रदेश के मंत्री, विधायक और पार्टी के अन्य नेता सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक प्रचार प्रसार कर रहे हैं। GST 2.0 से कारोबारियों और आम जनता को क्या राहत मिलेगी ? इसकी जानकारियां साझा कर रहे हैं। मंत्री ओपी की कारोबारियों से अपील जीएसटी उत्सव को लेकर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और प्रदेश की जनता को सौगात दिया है। मैं हर कारोबारी से अपील करता हूं कि, जिस सामान का मूल्य ज्यादा कम हुआ है, उसे आम जनता को उपलब्ध करवाएं। जनता कारोबारियों के लिए भगवान है। हमें जनता के लिए समर्पित होकर काम करना है। इससे परचेसिंग पावर बढ़ेगी और देश की आर्थिक व्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी। हर वर्ग को राहत- बीजेपी BJP का दावा है कि, नई GST दरें आम जनता और व्यापारियों के लिए राहत लेकर आई हैं। इसके तहत कई जरूरी वस्तुओं और सेवाओं पर कर दरों में कमी की गई है। जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सीधा लाभ होगा। पार्टी के नेता जनता के बीच जाकर यह बताएंगे कि कैसे नई दरें रोजमर्रा के खर्चों को कम करने में मदद करेंगी। सम्मेलन का होगा आयोजन भारतीय जनता पार्टी देशभर में GST 2.0 के फायदे गिनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश के 90 विधानसभा क्षेत्रों में प्रबुद्धजन सम्मेलन आयोजित करेगी। इस सम्मेलन के जरिए बीजेपी नेता GST 2.0 के फायदे आम जनता को बताएंगे। बीजेपी के आला नेताओं ने जिला स्तर के नेताओं को ट्रेनिंग देकर इसके लिए तैयार कर दिया है। बीजेपी ने GST 2.0 का प्रचार प्रसार करने राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय समिति का गठन भी किया है। इस समितियों में सांसद-विधायक शामिल है, जो इस पूरे कार्यक्रम की सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक मॉनिटरिंग करेंगे। कैंपेन का रोडमैप तैयार बीजेपी ने प्रदेशभर में सम्मेलन, प्रचार अभियान और सोशल मीडिया कैंपेन चलाने का रोडमैप तैयार किया है। इसके लिए प्रदेश स्तरीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें महामंत्री यशवंत जैन को संयोजक नियुक्त किया गया है। सदस्य के तौर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, जगदलपुर महापौर संजय पांडेय और रायपुर नगर निगम के पूर्व सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा शामिल हैं।


