छत्तीसगढ़ में शातिर महिलाओं का एक ठग गिरोह पकड़ाया है। इन महिलाओं ने रायपुर और बिलासपुर में ज्वेलर्स को नकली सोना देकर बदले में असली सोना वसूल कर लिया। महिलाएं इतनी शातिर थी कि सौदे के दौरान इन्होंने रायपुर के बुजुर्ग ज्वेलर्स को दादाजी बोलकर इमोशनल भी किया। फिर वारदात के बाद महिलाएं फरार हो गई थी। हालांकि बिलासपुर पुलिस ने महिलाओं को दबोच लिया है। बताया जा रहा है कि महिलाओं ने पहली वारदात 28 अप्रैल को बिलासपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ज्वेलरी दुकान में की। इस वारदात के बाद शाम को महिलाएं रायपुर के उरला आ गई। उरला पुलिस ने बताया कि उरला मेन रोड में शांतिलाल जैन नाम के बुजुर्ग ज्वेलरी दुकान चलाते हैं शाम करीब 5:30 बजे उनके दुकान पर दो महिलाएं आई। वह अपने साथ सोने के नेकलेस चेन और पुरानी ज्वेलरी लेकर आई थी। 70 ग्राम नकली थमाकार 47 ग्राम असली ले गए महिलाएं जो ज्वेलरी लेकर आई थी उसका वजन करीब 70 ग्राम था। उन्होंने शांतिलाल को कहा कि इसे एक्सचेंज करवाकर वह नई ज्वेलरी लेना चाहती हैं। शंकर लाल और उसके स्टाफ ने उन्हें गोल्ड ज्वेलरी दिखाया। महिलाओं में सोने का एक हार, एक चेन, दो मंगलसूत्र, तीन जोडी आईरिंग, कुल वजन करीब 47 ग्राम पसंद किया। इसकी कीमत करीब साढ़े 4 लाख रुपए थी। इसके अलावा उन्होंने ज्वेलर्स से वजन के अंतर का करीब 80 हजार रुपए कैश भी ले लिए। दादाजी बोलकर मोबाइल नंबर भी दिया इस सौदे के दौरान महिलाओं ने शांतिलाल को दादाजी कहकर संबोधित किया। जिससे उन्हें इमोशनल कर सके। फिर उन्होंने अपनी एक चांदी की पायल भी दुकान पर छोड़ दी और कहा कि इसे कल तौलवाकर बेच देंगे। फिर महिलाओं ने अपना मोबाइल नंबर भी दिया। जो फर्जी था। फिर दोनों महिलाएं दुकान से निकल गई। ज्वेलरी निकली नकली, सोना केवल 2 प्रतिशत महिलाओं के जाने के बाद जब शांतिलाल ने ज्वेलरी की कैमिकल से जांच की तो वह नकली निकली। हालांकि इसमें केवल दो प्रतिशत ही सोना था। इसके बाद ज्वेलर्स को ठगी का एहसास हुआ। आसपास महिलाओं की तलाश की गई लेकिन वह कहीं नहीं मिली। इसके बाद पूरा मामला पुलिस थाने पहुंचा। फिलहाल रायपुर पुलिस बिलासपुर पुलिस के साथ संपर्क में है। महिलाओं ने बिलासपुर में भी हूबहू इसी पैटर्न में ठगी की है। बिलासपुर पुलिस इस मामले में आज शाम खुलासा करेगी।


