छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार पर लगा ब्रेक:रायपुर-दुर्ग, बिलासपुर में 5 दिन कम पानी गिरेगा; सूरजपुर में बहते युवक को पुलिस-ग्रामीणों ने बचाया

छत्तीसगढ़ में सप्ताह भर लगातार बारिश के बाद मानसून की रफ्तार में ब्रेक लगा है। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में सिर्फ 12.2 MM पानी ही बरसा। मौसम विभाग की माने तो अगले पांच दिनों तक दुर्ग, रायपुर और बस्तर में बारिश कम होगी। वहीं बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों में अगले 4 दिन मध्यम से भारी बारिश होने संभावना है। ओवरआल बात करें तो छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 362.1 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 518.3 मिमी पानी बरसा है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 174.9 मिमी बारिश हुई है। वहीं मौसम विभाग ने आज (शनिवार) रायपुर, बलौदा-बाजार, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर, कोरिया सहित 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 11 जुलाई को सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में उफनती बाकी नदी में एक युवक बह गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बचा लिया। युवक चाचीडांड गांव के पास डूब रहा था। शांति नगर स्थित बाकी नदी के पुल से रस्सी फेंककर उसे बचाने की कोशिश की गई। इसके बाद, बांस और रस्सी की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाए गए युवक की पहचान जगन्नाथपुर निवासी विनय टोप्पो (19) के रूप में हुई है। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर ले जाया गया। बाद में उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया। युवक सुरक्षित है। बारिश के बाद झरनों की सुंदरता तस्वीरों में देखिए लंबा रह सकता है मानसून मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

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