छत्तीसगढ़ में जारी धान खरीदी अभियान को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में बड़ी संख्या में किसानों को अब तक टोकन नहीं मिल पाए हैं, जिसके कारण वे समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित हो रहे हैं। आप किसान मोर्चा ने मांग की है कि 31 जनवरी को समाप्त हो रही धान खरीदी की अवधि को बढ़ाकर कम से कम 10 फरवरी तक किया जाए, ताकि सभी पात्र किसान अपनी फसल बेच सकें। रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में आप किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तारेंद्र चंद्राकर ने कहा कि सरकार की अव्यवस्थित प्रणाली के चलते किसान रोज खरीदी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। कई स्थानों पर सर्वर डाउन और तकनीकी खामियों के कारण टोकन जारी नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय-सीमा नहीं बढ़ाई गई तो हजारों किसान समर्थन मूल्य से वंचित रह जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। जिला सहकारी बैंकों की अनिवार्यता खत्म करने की मांग प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने जिला सहकारी बैंकों की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को भुगतान किसी भी राष्ट्रीयकृत या निजी बैंक के माध्यम से करे। वर्तमान में किसानों को मिलने वाली 25 हजार रुपये की राशि भी किस्तों में दी जा रही है, जिससे उन्हें अपनी जरूरतों के लिए समय पर पैसा नहीं मिल पा रहा। पार्टी ने किस्त प्रणाली को समाप्त कर एकमुश्त भुगतान की मांग की है। खरीदी केंद्रों में सुविधाओं की कमी प्रदेश संगठन मंत्री ने कहा कि कई धान खरीदी केंद्रों पर पीने के पानी, शौचालय और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। उन्होंने सभी केंद्रों पर ये व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही अधिक से अधिक किसानों को एटीएम कार्ड जारी करने और न्यूनतम ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ाकर एक दिन में कम से कम 40 हजार रुपए निकालने की सुविधा देने की बात कही। 5 फरवरी को उग्र आंदोलन की चेतावनी आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने किसानों की इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो पार्टी 5 फरवरी को प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेगी।


