फतेहपुर में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं से भरी बस हाईवे पर जा रहे कंटेनर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। एक छात्रा की मौत हो गई। जबकि 14 लोग घायल हो गए। घायलों में 11 छात्राएं, 3 महिला शिक्षक और एक चपरासी शामिल हैं। हादसे के बाद एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। ITBP के जवान और पुलिसकर्मी घायल छात्राओं को पिकअप में लादकर अस्पताल ले गए। तीन छात्राओं की हालत गंभीर है। उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की 4 फोटो… अब विस्तार से पढ़िए… 240 छात्राओं को टूर पर ले रहा था कॉलेज प्रबंधन
फतेहपुर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GIC) की करीब 240 छात्राएं तीन बसों में सवार होकर एजुकेशनल टूर के लिए कानपुर जा रही थीं। सुबह करीब 11:10 बजे जैसे ही बस औंग थाना क्षेत्र के छिवली नदी के पास पहुंची, सामने खड़े ट्रेलर से टक्कर गई। बस की टक्कर इतनी तेज थी कि बस के सामने के हिस्से के परखच्चे उड़ गए। बताया जा रहा है कि जो बस हादसे का शिकार हुई, उसमें करीब 60 छात्राएं सवार थीं। बस की टक्कर के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने मदद की। पुलिस और एम्बुलेंस को सूचित किया। सभी घायलों को बस से बाहर निकाला गया। छात्राएं डरी सहमी नजर आईं। रो रही थीं। जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पुलिस टीम ने घायल छात्राओं को पिकअप से ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे में नसरा फातिमा (16) पुत्री- सकील अहमद निवासी बिंदकी की मौत हो गई। छात्राओं को हैलट अस्पताल भेजा
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी बिंदकी वीर सिंह, औंग थानाध्यक्ष हनुमान सिंह, पीआरवी पुलिस और NHAI की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायल और बेहोश छात्राओं को तत्काल हैलट अस्पताल कानपुर ले जाया गया। दुर्घटनास्थल पर बस का टूटा हुआ शीशा और खून के निशान देखे गए। घटना के समय कॉलेज की शिक्षिका नम्रता दीक्षित ने स्कूल प्रशासन को घटना की सूचना दी। वह मेडिकल लीव पर थीं और अपने पति से मिलने कानपुर जा रही थीं। दुर्घटना में शामिल बस में 11A और 11B सेक्शन की छात्राएं सवार थीं। घटना के समय अन्य दो बसें आगे निकल चुकी थीं। शुरुआती जांच में हादसे का कारण चालक की लापरवाही और बस की तकनीकी खराबी बताई जा रही है। हादसे की खबर सुन बच्चों के परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। वहीं हादसे के बाद पुलिस मामले की गहराई से जांच पड़ताल में जुटी है। छात्रा बोली- कांच टूटकर बिखर गए
घायल छात्रा खुशबू ने बताया- तीन बसों में बच्चों को ले जाया जा रहा था। हमारी बस के चालक की आंख लग गई या कुछ और हुआ, यह किसी को नहीं मालूम। मगर जब हादसा हुआ तो बहुत तेज आवाज आई। धुआं उड़ा। कांच टूटकर बिखर गया। जब तक कुछ समझ में आता, बच्चे बस की फ्लोर पर पड़े थे। कुछ के सिर हैंडल से टकराए, जिससे सिर पर चोट आ गई। ओवरटेक करने के प्रयास में कंटेनर से टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- छात्राओं की बस काफी स्पीड में थी। ओवरटेक करने के प्रयास में बस खड़े कंटेनर से टकरा गई। हादसे के बाद 12 से ज्यादा छात्राएं बेहोश हो गई थीं। फूट-फूटकर रोया भाई, बोला- सबकी लाडली थी बहन
मृतक छात्रा नसरा फातिमा का भाई शोएब अंसारी हादसे की सूचना पाकर हैलट अस्पताल पहुंचा। वह फूट-फूटकर रो रहा था। उसने कहा, सुबह अच्छा खासा घर से निकली थी। बोली थी कि एजुकेशनल ट्रिप पर जा रहे हैं। कुछ अच्छा सीख कर आएंगे। पता नहीं था कि यह हो जाएगा। घर में अब क्या होगा। वो सबकी लाडली थी। हमेशा कहती थी कि पढ़ने-लिखने के बाद पूरे परिवार का ख्याल रखेगी। अब हमारा सबकुछ उजड़ गया। पढ़ें पूरी खबर… कॉलेज की प्रभारी प्रिसिंपल रुचि शुक्ला ने बताया- सोहनलाल द्विवेदी राजकीय बालिका इंटर कालेज की ओर कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं का टूर जा रहा था। कानपुर जाते समय छिवली नदी के पास बस की ट्रक से टक्कर हो गई। जिसमें 10 से 12 छात्राओं के घायल होने की जानकारी मिली है। हादसे में घायल छात्राएं घायल टीचर
मोनिका सिंह (43) पत्नी पीयूष भूषण सिंह निवासी बाबापुरवा।
प्रियंका पांडेय (40) पत्नी सतीश चंद पांडेय निवासी विजय नगर, काकादेव। घायल चपरासी
वीरेंद्र पुत्र राजबहादुर बस पीछे से कंटेनर से टकराई- बोले एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक विजय शंकर मिश्र ने बताया- राजकीय बालिका इंटर कालेज से तीन बसों में सवार होकर स्कूली बच्चे कानपुर पिकनिक पर जा रहे थे। जब बस औंग थाना क्षेत्र के छिवली नदी के पास पहुंची, तो हाईवे पर जा रहे ट्रक में पीछे से बस जा घुसी। हादसे के बाद घायल बच्चों को मेडिकल कॉलेज कानपुर के भेज दिया गया था। जहां एक छात्रा की मौत हो गई है। कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने हैलट अस्पताल पहुंचकर घायल छात्राओं का हाल जाना है। सीएम योगी ने मृत छात्रा के परिजनों को 2 लाख की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। ——————————– ये भी पढ़ें… लखनऊ में लिव-इन-पार्टनर को रौंदने वाले की प्लानिंग:दो महीने में तीसरी बार सफल हुआ; नहर में फेंकने की भी बना चुका था योजना लखनऊ में लिव-इन-पार्टनर को सफारी से रौंदकर मारने के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोपी गिरिजा दो महीने से अपनी पार्टनर को मारने की तैयारी कर रहा था। अलग-अलग तरीके सोचने के बाद उसने एक्सीडेंट दिखाने की प्लानिंग की थी। आरोपी इसके पहले दो बार प्लान कर चुका था, लेकिन फेल हो गया। तीसरी बार में वह सफल हो गया। घटनास्थल की रेकी करने के बाद मर्डर को अंजाम दिया। उसने पहले तय किया कि उस रास्ते पर कितने बजे सन्नाटा होता है। घटना के बाद कितनी देर में रायबरेली पहुंच जाएंगा। यह सब तय करने के बाद उसने हत्या की। पढ़ें पूरी खबर…


