झाबुआ की खवासा नगर इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शनिवार को शासकीय कन्या और बालक विद्यालयों और छात्रावासों में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। ABVP ने चेतावनी दी है कि अगर इस अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। स्कूलों और छात्रावासों से संबंधित कई प्रमुख समस्याओं को उजागर किया प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने बाद में नायब तहसीलदार राजेश जमरा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्कूलों और छात्रावासों से संबंधित कई प्रमुख समस्याओं को उजागर किया गया। ज्ञापन का वाचन नगर मंत्री रानू मालवीय ने किया। ज्ञापन में छात्राओं के लिए वॉशरूम की नियमित सफाई न होने, बालिकाओं के लिए गर्ल्स कॉमन रूम की सुविधा न होने और परिसर में लगातार जहरीले जानवरों के पाए जाने का उल्लेख किया गया। ABVP ने प्राचार्य द्वारा छात्राओं को ज्ञापन देने से रोकने की घटना को भी निंदनीय बताया। बिस्तर-कंबल योजना के तहत मिले पैसे वापस लेने का आरोप ABVP ने ज्ञापन में एक गंभीर आरोप भी लगाया। छात्र नेताओं ने बताया कि कन्या और बालक छात्रावासों में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की बिस्तर-कंबल योजना के तहत हर विद्यार्थी के खाते में 6 हजार रुपए डाले गए हैं। हालांकि, आरोप है कि दोनों छात्रावास अधीक्षकों की ओर से विद्यार्थियों पर दबाव बनाकर ये पैसे वापस लिए जा रहे हैं। इस आंदोलन में विद्यार्थी परिषद झाबुआ-अलीराजपुर विभाग संयोजक प्रकाश परमार, जिला संयोजक अजय भूरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो जल्द ही एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।


