छात्रों की काउंसलिंग के लिए पहल, मिलेगा मानसिक सहयोग

भास्कर न्यूज | जालंधर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर गाइडेंस को मजबूत करने के लिए दो नई पहल शुरू की हैं। पहली है सीबीएसई करियर गाइडेंस डेशबोर्ड और दूसरी सीबीएसई काउंसलिंग हब एंड स्पोक स्कूल मॉडल। ये दोनों पहल इस सेशन से ही देशभर के सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में लागू की जाएंगी। इसके लिए स्कूलों को भी जागरुक किया गया है। स्कूलों को भेजे पत्र में कहा गया है कि सीबीएसई करियर गाइडेंस डेशबोर्ड (https://cbsecareerg uidance.in/) छात्रों को करियर से जुड़ी जानकारी, टूल्स और संसाधन उपलब्ध कराता है, इससे वे सोच-समझकर करियर का चुनाव कर सकें। वहीं, हब एंड स्पोक मॉडल के तहत कुछ स्कूलों को हब स्कूल बनाया जाएगा, जो आसपास के स्पोक स्कूलों को मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग से जुड़ा मार्गदर्शन देंगे। यह मॉडल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन पर आधारित है, जिसमें छात्रों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत स्कूलों में काउंसलर और वैलनेस टीचर की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही, शिक्षकों और अभिभावकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। हब स्कूलों को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले काउंसलर के साथ एक संसाधन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ये स्कूल 8-10 स्पोक स्कूलों को मार्गदर्शन देंगे। हब स्कूलों की जिम्मेदारी होगी कि वे नेटवर्क में शामिल स्कूलों को ट्रेनिंग, संसाधन और नियमित सहयोग दें। स्पोक स्कूलों की हर महीने रिपोर्ट तैयार कर हब स्कूल को भेजनी होगी। इन रिपोर्टर्स में गतिविधियों का विवरण, फीडबैक और फोटो शामिल होंगे। इसके लिए 4 भाग है। इसमें अवेयरनेस -मानसिक स्वास्थ्य और सोशल-इमोशनल लर्निंग के प्रति जागरूकता , एक्सेस – छात्रों को काउंसलिंग सेवाओं तक आसान पहुंच, एडवोकेसी – छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना और असिस्टेंस यानि छात्रों को सहारा देने के लिए पीयर सपोर्ट और अभिभावक सहयोग को शामिल किया गया है। सीबीएसई ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य स्टाफ के लिए पूरे साल का एक्टिविटी कैलेंडर भी जारी किया है। इसमें हर महीने एक थीम के तहत गतिविधियां तय की गई हैं, जैसे आत्म-चेतना, डिजिटल सुरक्षा, ग्रोथ माइंडसेट, लैंगिक समानता आदि। हर स्पोक स्कूल को हर महीने की पहली तारीख तक अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट गूगल फॉर्म के जरिए भेजनी होगी। वहीं, हब स्कूल पूरे नेटवर्क की रिपोर्ट तैयार कर हर महीने की 5 तारीख तक सीबीएसई को भेजेंगे। गौरतलब है कि इसका उद्देश्य है कि स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र न रहकर छात्रों के लिए एक सुरक्षित, सहयोगी और संवेदनशील वातावरण बनें। बोर्ड चाहता है कि हर छात्र को मानसिक, सामाजिक और करियर से जुड़ा सहयोग मिले ताकि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

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