भास्कर न्यूज | बाड़मेर श्री मल्लीनाथ शैक्षणिक संस्थान का वार्षिकोत्सव एवं विदाई समारोह शनिवार को आयोजित हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि कुलपति कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर वीरेंद्रसिंह जेतावत,अध्यक्षता बाड़मेर एडीएम राजेन्द्रसिंह चांदावत ने की। विशिष्ट अतिथि डॉ. भूरसिंह भाटी (एम.बी.एस. एम डी, डी.एम.) ऑन्कोलॉजी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना के साथ की गई। इस मौके पर संस्थान के मंत्री कमलसिंह महेचा ने छात्रावास की नींव रखने से लेकर मूर्तरूप देने तक के सफर के बारे में बताते हुए चुनौतियों के साथ सफलता के कहानी बताई। साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अनुशासन का संदेश दिया। छात्रावास के व्यवस्थापक महिपालसिंह चूली ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस मौके पर विदाई लेने वाले छात्रों व उनके अनुजों द्वारा विदाई की रस्म अदा की गई। अनुज व अग्रज साथियों ने विचार व्यक्त किए। साथ ही छात्रावास में चार साल के कार्यकाल को लेकर अपने अनुभव साझा किए। छात्रावास के छात्र अरविन्दसिंह फोगेरा, रावलसिंह थुंबली, सुरेन्द्रसिंह मिये का तला ने तनसिंह द्वारा रचित सहगीत-भूल्या बिसरया भाईड़ा नै आज लगना लागी रे की प्रस्तुति दी। कक्षा 10 वीं, 12वीं व स्नातक स्तर के प्रतिभावन छात्रों को स्व. श्री रूपसिंह पूर्व सेशन जज स्मृति कोष, स्व तेजसिंह महेचा किशनपुरा गांधीनगर बाड़मेर, स्व. सुजानसिंह चौहान जूना एवं स्व. दौलतसिंह चूली स्मृति कोष, जालमसिंह महेचा मेमोरियल ट्रस्ट के द्वारा नकद राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। छात्रावास के पूर्व विद्यार्थी डॉ. भूरसिंह भाटी ने छात्रों कठिन परिश्रम करने की सलाह दी और भविष्य में आगे के मार्गदर्शन करने के लिए अवगत करवाया। इस मौके पर छात्रावास के विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों, छात्र नायक व समाजसेवी छात्रों को स्मृति चिन्ह प्रदान सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि वीरेंद्रसिंह जेतावत ने कहा कि छात्रों को काबिलियत एवं हुनर को पहचान कर लक्ष्य की ओर अग्रसर होना चाहिए। छात्र जीवन में अनुशासन जरूरी है। स्वयं का भविष्य संवारना छात्र के हाथों में है। समारोह के अध्यक्ष एडीएम राजेन्द्रसिंह चांदावत ने बताया कि स्कूल शिक्षा के साथ व्यवसायिक शिक्षा का होना भी आवश्यक है। उन्होंने बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा देने की बात कही। संस्थान के अध्यक्ष रावत त्रिभुवनसिंह ने अतिथियों का बहुमान करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा के लिए बाड़मेर में छात्रावास बनाया जा रहा है और बालिकाओं का सम्मान किया। संस्थान को सहयोग करने वाले भामाशाहों का सम्मान किया गया। मंच का संचालन कानसिंह खारा, खेतसिंह आसाड़ी व कमलसिंह वरिया ने किया।


