भिंड शहर में लोक शिक्षण संचालनालय के ज्वाइंट डायरेक्टर दीपक पांडेय ने शनिवार को जिलेभर के प्राचार्य व प्रभारी प्राचार्यों के साथ बैठक का आयोजन किया। बैठक बीटीआई रोड स्थित एक निजी स्कूल में हुई, जिसमें 100 से अधिक प्राचार्य मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य दसवीं और बारवीं की परीक्षा के परिणामों को बेहतर करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उपाय सुझाना था। ज्वाइंट डायरेक्टर पांडेय ने कहा कि शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए यह जरूरी है कि शिक्षक सबसे पहले यह समझें कि छात्रों की कमजोरी क्या है। उन्होंने कहा, “जिस तरह डॉक्टर बीमारी का सही पता लगाकर इलाज करता है, उसी प्रकार शिक्षक को यह जानना जरूरी है कि छात्र किस विषय में कमजोर है और उन्हें किस दिशा में प्रेरित किया जा सकता है। तभी हम बेहतर भविष्य के निर्माण की नींव रख सकेंगे।” नकल नहीं, मेहनत को बनाएं आधार ज्वाइंट डायरेक्टर ने कहा कि भिंड जिले में नकल जैसी कोई समस्या नहीं है। ऐसे में छात्रों को मेहनत करना सिखाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो छात्र मेहनत से पढ़ाई करते हैं, वही भविष्य में अपने करियर को बेहतर दिशा दे पाते हैं। शत-प्रतिशत उपस्थिति पर जोर पांडे ने निर्देश दिए कि स्कूलों में छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर छात्र की एक अलग रुचि होती है। ऐसे में उन्हें उनके रुचिकर विषयों में प्रोत्साहित करें और कमजोर विषयों में सुधार के लिए सरलीकरण की विधि अपनाई जाए। स्कूलों की उपलब्धियों पर चर्चा बैठक के दौरान प्राचार्यों ने अपने-अपने स्कूल की उपलब्धियों और चुनौतियों को साझा किया। साथ ही, उन स्कूलों को सुधारने के लिए टिप्स दिए गए, जिनका परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं था। ज्वाइंट डायरेक्टर ने कहा कि शिक्षा में सुधार से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। बेहतर शिक्षा से न केवल छात्रों का भविष्य संवरता है, बल्कि देश के विकास की दिशा भी तय होती है।


