छिंदवाड़ा में रानी दुर्गावती चौक पर तोड़फोड़:26 जनवरी की तैयारी बिगाड़ी; आदिवासी समाज ने सौंपा ज्ञापन, CCTV से पहचान की मांग

छिंदवाड़ा में रानी दुर्गावती चौक पर असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ और गंदगी फैलाने का मामला सामने आया है। इसके विरोध में सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी के कार्यक्रम के लिए की गई साज-सज्जा और रेलिंग को 25 जनवरी की रात तोड़ दिया गया। समाज ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश महामंत्री भगवान दास भारती ने बताया कि हर वर्ष 26 जनवरी को समाज द्वारा रानी दुर्गावती चौक में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में 25 जनवरी को टेंट, लाइटिंग सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। लेकिन देर रात असामाजिक तत्वों ने प्रतिमा के आसपास लगी रेलिंग और साज-सज्जा को तोड़ दिया। इतना ही नहीं, वहां कचरा फैलाकर कार्यक्रम स्थल को नुकसान पहुंचाया, जिससे आयोजन समिति को भारी परेशानी हुई। सुबह सफाई कर फहराया तिरंगा भगवान दास भारती ने बताया कि तोड़फोड़ के बावजूद आयोजन समिति ने हिम्मत नहीं हारी। 26 जनवरी की सुबह स्थल की साफ-सफाई कर विधिवत ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में भी दर्ज कराई गई है। समाज ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में सांस्कृतिक धरोहरों के साथ ऐसी घटनाएं न हों। धरोहरों की सुरक्षा की मांग ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्टर कार्यालय में बड़ी संख्या में सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। समाज ने प्रशासन से सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है। भगवान दास भारती ने बताया कि तोड़फोड़ के बावजूद आयोजन समिति ने हिम्मत नहीं हारी। 26 जनवरी की सुबह स्थल की साफ-सफाई कर विधिवत ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में भी दर्ज कराई गई है। समाज ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में सांस्कृतिक धरोहरों के साथ ऐसी घटनाएं न हों। धरोहरों की सुरक्षा की मांग ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्टर कार्यालय में बड़ी संख्या में सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। समाज ने प्रशासन से सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।

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