छिंदवाड़ा नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने वेतन न मिलने से नाराज होकर गुरुवार दोपहर निगम कार्यालय का घेराव कर दिया। दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और पार्षदों ने करीब एक घंटे तक निगम आयुक्त सीपी राय के केबिन के सामने प्रदर्शन किया। हालांकि, छिंदवाड़ा सांसद ने वीडियो कॉल पर चर्चा कर दो दिन में वेतन दिलाने का वादा किया, जिसके बाद सफाईकर्मियों और हड़ताल पर जा रहे नल चालकों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है। सांसद के प्रतिनिधि के रूप में मंडल अध्यक्ष अंकुर शुक्ला ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के बीच जाकर उनकी बात कराई। छिंदवाड़ा सांसद ने वीडियो कॉल के माध्यम से चर्चा कर दो दिन में सभी का वेतन करवाने का वादा किया है। इस आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। आयुक्त बोले- वेतन जारी किया, कर्मचारी बोले- नहीं मिला निगम आयुक्त सीपी राय का कहना है कि कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया गया है और जल्द ही उनके खातों में पहुंच जाएगा। दूसरी ओर, कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला है और तीसरा महीना भी शुरू हो गया है। उनके खातों में अब तक राशि नहीं आई है। नल चालकों ने दी थी हड़ताल की चेतावनी वेतन मुद्दे को लेकर नल चालकों ने भी पत्र जारी कर शुक्रवार से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी। उनका भी कहना है कि उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला है। यदि यह हड़ताल होती तो शहर की जल सप्लाई ठप हो सकती थी। वहीं, सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से शहर में कचरा उठना बंद हो गया है। घर-घर जाने वाली कचरा गाड़ियां भी नहीं पहुंच रहीं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है। नेता प्रतिपक्ष बोलीं- महापौर के भाजपा में जाने के बाद भी हालत बदतर प्रदर्शन से पहले कांग्रेस पार्षद दल ने ज्ञापन सौंपते हुए चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि सरकार से दिलाने और शहर के विकास कार्यों को पूरा करने की मांग की। निगम की नेता प्रतिपक्ष हंसा दाढ़े ने महापौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विकास के नाम पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा, लेकिन शहर की हालत बदतर होती जा रही है। इस दौरान निगम अध्यक्ष सोनू मांगो, नेता प्रतिपक्ष हंसा दाढ़े, विधायक प्रतिनिधि प्रबल सक्सेना सहित कांग्रेस पार्षद और अन्य नेता मौजूद रहे।


