भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा बचेली थाना क्षेत्र में आदिवासी युवती से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को आहत किया, बल्कि पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया। हालात ऐसे बने कि ग्रामीणों को रात 12 बजे तक थाने के बाहर धरने पर बैठना पड़ा, तब जाकर पुलिस हरकत में आई। घटना 31 दिसंबर की है। आदिवासी युवती के साथ छेड़छाड़ की शिकायत उसके परिजनों ने बचेली थाने में दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने के बजाय हल्की धाराएं लगाईं और आरोपी को थाने से ही छोड़ दिया। आरोपी बचेली क्षेत्र में कबाड़ी व्यवसाय से जुड़ा युवक बताया जा रहा है। आरोपी के छोड़े जाने के बाद हालात और बिगड़ गए। पीड़िता के परिजनों के अनुसार, आरोपी और उसके परिजन लगातार उन्हें रिपोर्ट वापस लेने की धमकी दे रहे थे। बेटी की सुरक्षा को लेकर वे लगातार पुलिस से गुहार लगाते रहे, लेकिन थाने से सिर्फ आश्वासन मिलता रहा, कार्रवाई नहीं। लगातार धमकियों और पुलिस की चुप्पी से परेशान होकर रविवार शाम पीड़िता के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण बचेली थाने पहुंचे। थाने में जमकर हंगामा हुआ। यह धरना रात 12 बजे तक चलता रहा। जनदबाव बढ़ता देख पुलिस ने आरोपी को दोबारा थाने बुलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। थाना प्रभारी टीआई मधुनाथ ध्रुव ने लोगों को बताया कि आरोपी को सुप्रीम कोर्ट के अरनेश कुमार जजमेंट के तहत थाने से नोटिस देकर छोड़ा गया था। यह बयान सुनते ही भीड़ और भड़क गई। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि क्या आरोपी को पीड़ित परिवार को डराने के लिए छोड़ा दिया गया।


