धमतरी | छत्तीसगढ़ का पारंपरिक पर्व छेरछेरा ग्रामीण अंचलों में मनाया गया। भोथली, बलियारा, सांकरा, पीपरछेड़ी में बच्चों से लेकर बड़ों ने भी लोगों के घरों में जाकर अन्न का दान मांगा। लोगों ने दान के रूप में धान, चावल व रुपए दिए। मान्यता है कि इस दिन दान करने से घरों में धन धान्य की वृद्धि होती है। छेरछेरा पर्व नई फसल के घर आने की खुशी में पौष पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। दान मांगने के दौरान तरुण कुमार, जितेंद्र टंडन, हेमंत, युवराज, छमेंद्र, प्रेम सागर, देवेंद्र, जानसन, तन्मय, प्रियांशु, ताम्रध्वज, कोमल आदि मौजूद रहे।


