लुधियाना जिले की जगराओं पुलिस ने नशे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मंगवाई गई 3 किलो 72 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इस मामले में लुधियाना के एक कुख्यात सरगना सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इसे जगराओं की अब तक की सबसे बड़ी एंटी-ड्रग्स उपलब्धि मान रही है। सीआईए स्टाफ जगराओं की टीम ने गुरुसर काउंके के पास नाकाबंदी के दौरान एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रोका। कार सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 3 किलो 72 ग्राम हेरोइन जब्त की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। गिरोह का सरगना शातिर अपराधी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लुधियाना निवासी अमनदीप सिंह उर्फ रोमी निवासी जनता नगर, पवन कुमार निवासी अजीत नगर और फिरोजपुर जिले के गांव आसल निवासी बचिंतर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया है। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार गिरोह का सरगना अमनदीप सिंह एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 12 मामले लुधियाना और 2 मोहाली (एसएएस नगर) में दर्ज हैं। अमनदीप नशा तस्करी और आर्म्स एक्ट के एक मामले में पहले से ही वांछित था। पाकिस्तान से नेटवर्क की जांच : एसएसपी एसएसपी के अनुसार, अमनदीप सिंह आरोपी बचिंतर सिंह के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे तस्करों से हेरोइन मंगवाता था। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या बचिंतर सिंह के पाकिस्तानी तस्करों से सीधे संबंध हैं, या इस नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा मास्टरमाइंड सक्रिय है। पुलिस अब पूरे सप्लाई चेन की जांच कर रही है। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किन-किन तस्करों को नशे की सप्लाई देते थे, हेरोइन किन रास्तों और माध्यमों से मंगवाई जाती थी, और नशे की कमाई से अब तक कितनी संपत्ति या बेनामी जायदाद बनाई गई है। एसएसपी अंकुर गुप्ता ने आगे बताया कि पुलिस की टीमें फिरोजपुर और तरनतारण बॉर्डर से जुड़े लिंक्स की भी जांच कर रही हैं। तरनतारण बॉर्डर और गांवों पर भी शक एसएसपी अंकुर गुप्ता ने बताया कि पुलिस की टीमें तरनतारण बॉर्डर साइड के लिंक भी खंगाल रही हैं। आशंका है कि बॉर्डर से सटे कुछ गांवों के लोग भी इस अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी के गोरखधंधे में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं। बॉर्डर से लुधियाना तक पूरा नशा कॉरिडोर बेनकाब किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक यह नेटवर्क फिरोजपुर-तरनतारण बॉर्डर ड्रोन लैंडिंग पॉइंट, स्कॉर्पियो जैसे लग्जरी वाहनों से सप्लाई के जरिए पंजाब के शहरों में मौत बांट रहा था। अब पुलिस उन गांवों में बैठे अन्य साथियों की भी परतें खोलेगी, कहां ड्रोन उतारते थे और कहां नशा छुपाया जाता था व कहां से सप्लाई ऑर्डर आगे बढ़ते थे।


