जगराओं में पटवारी और RTI कार्यकर्ता पर FIR:फर्जी एनओसी दी, कालोनी पास कराने के लिए दी थी एप्लिकेशन, आरोपी फरार

लुधियाना के एक कॉलोनाइजर की शिकायत पर पुलिस ने बीडीपीओ दफ्तर में तैनात पटवारी और एक आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान आरटीआई कार्यकर्ता रछपाल सिंह गाबड़िया निवासी ढाबा रोड, मलेरगंज, लुधियाना और पटवारी जगतार सिंह, बीडीपीओ दफ्तर जगराओं के रूप में हुई है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। थाना सिटी के एएसआई बलविंदर सिंह ने बताया कि, गोबिंद नगर, न्यू शिमलापुरी, लुधियाना निवासी इंदरजीत सिंह ने थाने में दी शिकायत में बताया कि उसने एलिसियन इंफ्रा नामक कॉलोनी पास करवाने के लिए ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (ग्लाडा) में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्होंने जगराओं बीडीपीओ दफ्तर में एनओसी के लिए फाइल जमा करवाई थी। फाइल बीडीपीओ दफ्तर के कर्मचारी मनदीप सिंह को दी गई। मनदीप सिंह ने बताया कि एनओसी के लिए कागज पटवारी को भी भेजने होंगे। इसके बाद सभी दस्तावेज पटवारी को भेज दिए गए। फर्जी निकली मोबाइल पर दी एनओसी कुछ समय बाद कर्मचारी मनदीप सिंह ने इंदरजीत के मोबाइल पर एनओसी भेज दी। यह एनओसी बीडीपीओ पंचायत समिति जगराओं की ओर से ग्लाडा को जारी की गई थी। एनओसी मिलने के बाद इंदरजीत सिंह ने पूरी फाइल ग्लाडा दफ्तर में जमा करवा दी। दस्तावेज पूरे होने पर ग्लाडा ने लाइसेंस जारी कर दिया। इसके बाद कॉलोनी का काम शुरू कर दिया गया। 29 मई को पटवारी जगतार सिंह कॉलोनी में बने दफ्तर आया। उसने एनओसी दिखाने और बीडीपीओ दफ्तार आने को कहा। इंदरजीत सिंह जब बीडीपीओ दफ्तर पहुंचा तो वहां बताया गया कि एनओसी पर बीडीपीओ के साइन नहीं हैं। यह एनओसी जाली है। इसके बाद इंदरजीत ने ग्लाडा अफसरों से बात कर एक पत्र जमा करवाया। इंदरजीत ने आरोपी पटवारी से बात की। उसने बताया कि उसने सरकारी अफसर समझकर फाइल दी थी। एनओसी पास होने के बाद ही फाइल ग्लाडा में जमा करवाई थी। इस पर पटवारी ने कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता रछपाल सिंह उसके खिलाफ शिकायतें कर रहा है। उससे मिलकर मामला खत्म कर लो। नहीं तो वह बार-बार शिकायत करता रहेगा। वह आरटीआई डालकर लोगों को ब्लैकमेल करता है। वह कॉलोनी पास नहीं होने देगा। आरटीआई कार्यकर्ता और पटवारी आपस में मिले हुए बाद में इंदरजीत को पता चला कि दोनों आरोपी आपस में मिले हुए हैं। उन्होंने साजिश के तहत जाली एनओसी दी। इसके जरिए धोखा कर ब्लैकमेल करने की कोशिश की। बिना आरटीआई डाले ही रछपाल को एनओसी मिल गई थी। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों पर धारा 308(2), 308(6), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी रछपाल सिंह पर पहले भी धोखाधडी के मामले दर्ज है।

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