पंजाब के लुधियाना जिले में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसान संगठनों ने मोदी सरकार के किसान मंडी करण अध्यादेश का जोरदार विरोध किया। जगराओं में किसानों ने बस स्टैंड पर एकत्रित होकर अध्यादेश की प्रतियां जलाईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे इन अध्यादेश को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उनका मानना है कि कॉर्पोरेट घरानों से मुकाबला करने के लिए एकजुट संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की यह नीति लागू हुई तो गेहूं का आटा, जो वर्तमान में 2300 रुपए में खरीदा जाकर 4000 रुपए में बेचा जा रहा है, वह 8000 रुपए तक पहुंच सकता है। 26 जनवरी को निकाला जाएगा ट्रैक्टर मार्च हरदेव सिंह संधू, जगतार सिंह देहडाका, बलराज सिंह सहित अन्य किसान नेताओं ने घोषणा की कि 26 जनवरी को क्षेत्र में हजारों ट्रैक्टरों का मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान पूरे पंजाब के किसानों और मजदूरों की निगाहें पातड़ा में चल रहे तीन किसान मोर्चों की बैठक पर टिकी हुई हैं। किसान नेताओं का कहना है कि देसी-विदेशी कॉर्पोरेट खेती पर कब्जा करने की फिराक में हैं और इसी कारण एपीएमसी का सहारा लिया जा रहा है। रैली के बाद किसानों ने जीटी रोड पर मार्च किया और मुख्य चौक पर अध्यादेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। किसान नेताओं ने दृढ़ता से कहा कि वे मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करते रहेंगे।


