जड़खोर गोधाम में कृष्ण-बलराम गो-आराधन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 22 सितंबर से 1 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। महोत्सव में स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज श्रीमद भगवत कथा का वाचन करेंगे। दोनों मंत्रियों ने लोगों से गीता के ज्ञान को व्यवहार में लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गीता के आदर्शों को अपनाने से नैतिकता और भाईचारे से युक्त भारत का निर्माण होगा।
मंत्री कुमावत ने नवरात्रि के पहले दिन गिरिराज परिक्रमा की और गोधाम के दर्शन किए। उन्होंने गोशाला को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। गोधाम में गायों के संरक्षण के साथ उनके उत्पादों से विभिन्न वस्तुएं बनाई जा रही हैं। इनमें दीवार के रंग, कागज, अगरबत्ती, धूप, दीपक और लकड़ी के विकल्प शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि सरकार गोशालाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही गौ-उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जड़खोर गोशाला पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगी। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय का साधन भी बनेगी।
गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने जड़खोर गोधाम में कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से करोड़ों वर्षों से प्रमाणित जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि सनातन वैज्ञानिक पुष्ट धर्म को हर किसी को आत्मसात करना चाहिए, क्योंकि यही संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम् का सजीव संदेश देती है। उन्होंने गोमाता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गाय का दूध स्मृति को तीव्र करता है और शरीर को निरोगी बनाता है। गाँव में गोबर और गोमय के अनगिनत फायदे हैं, जो न केवल स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अमूल्य हैं।


