टीकमगढ़ के जतारा नगर परिषद में गुरुवार को प्रशासन ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। इस दौरान तहसील कार्यालय के आसपास सड़क किनारे रखी गुमटियों को हटाया गया। अभियान के तहत जेसीबी मशीन का उपयोग कर कच्चे और पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाने के उद्देश्य से की गई थी। कार्रवाई के दौरान छोटे दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि वे वर्षों से सड़क किनारे दुकानें लगाकर अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रहे थे और अब इस कार्रवाई से वे बेरोजगार हो गए हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। तहसीलदार नितिन गौंड ने अतिक्रमण को अवैध कब्जा बताते हुए कार्रवाई को उचित ठहराया। उन्होंने जानकारी दी कि नगर परिषद द्वारा दुकानदारों को लगभग एक महीने पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने अपनी दुकानें नहीं हटाईं। तहसीलदार ने बताया कि मुख्य सड़क के आसपास इन अवैध कब्जों के कारण अक्सर जाम लग जाता था, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी। इसके अलावा, नालियों पर अतिक्रमण के कारण नियमित सफाई भी बाधित हो रही थी। जनता की परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया। हालांकि, तहसीलदार ने यह भी आश्वासन दिया कि दुकानदारों को दूसरे स्थान पर विस्थापित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को बेरोजगार करना नहीं है, बल्कि उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना है ताकि उनका व्यवसाय प्रभावित न हो और वे अपने परिवारों का पालन-पोषण कर सकें।


