जतिंदर मल्होत्रा, भंडारी और राजिंदर को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा

भास्कर न्यूज | अमृतसर सेंट्रल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से बिना लाइसेंस के नशीली दवाएं खरीदने के मामले में कॉरपोरेट अस्पताल के ऑर्थो सर्जन डॉ. राजिंदर राजन को भी गिरफ्तार कर लिया। उसे अस्पताल के संचालक जतिंदर मल्होत्रा और बलीस्टा फार्मा के पार्टनर बताए जा रहे अमित भंडारी के साथ शनिवार को अदालत में पेश कर ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया। एनसीबी ने अमित का शुक्रवार को एक दिन का रिमांड हासिल किया था। शुक्रवार को एनसीबी ने तीनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की। इसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उधर, एनसीबी की टीम फार्मा कंपनी के मालिक अमित भंडारी को लेकर ज्वाला फ्लोर मिल कालोनी स्थित उनके दफ्तर पहुंची, जहां से एनसीबी ने उनके कंप्यूटर से सारा रिकार्ड कब्जे में ले लिया। सेंट्रल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से शुक्रवार को अमृतसर की बलिस्टा फार्मा कंपनी के मालिक अमित भंडारी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पूछताछ के बाद एनसीबी की टीम ने फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित लाइफ केयर अस्पताल के अलावा बटाला रोड स्थित द कारपोरेट अस्पताल में सुबह से लेकर शाम तक जांच की और देर शाम को द कारपोरेट अस्पताल से 2 हजार ट्रामाडोल नामक नशीली गोलियां बरामद की थीं। इसके बाद एनसीबी की ओर से इस अस्पताल के मालिक डा. जतिंदर मल्होत्रा को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को एनसीबी की ओर से तीनों आरोपियों को जेएमआईसी चाहत की कोर्ट में पेश किया गया। जहां एनसीबी की ओर से सारे केस से कोर्ट को अवगत कराया गया और यह जानकारी दी गई कि आरोपियों के कब्जे से दो नशीली दवाएं बरामद हुई हैं, उनकी केमिकल जांच के लिए दिल्ली की लैब में भेजा गया है। इसलिए इन आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। उधर, एनसीबी की टीम रिमांड में चल रहे बलिस्टा फार्मा के गिरफ्तार मालिक अमित भंडारी को देर शाम करीब 5 बजे लेकर ज्वाला फ्लोर मिल स्थित उनके दफ्तर पहुंची। जहां एनसीबी की टीम ने दफ्तर के कंप्यूटर का डाटा कब्जे में ले लिया है। आपको बता दें कि यह मामला नशीली दवाओं के रिकार्ड रखने के अलावा इसे बेचने के लिए अधिकृत लाइसेंस न लेने से जुड़ा हुआ है। इस मामले में एनसीबी ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लोग आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। एनसीबी ने यह कार्रवाई करीब एक सप्ताह पहले शुरू की थी। मामले की गहन छानबीन करने के बाद शुक्रवार को बलिस्टा फार्मा के मालिक अमित भंडारी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में दवाएं बरामद कर ली। हालांकि बलिस्टा कंपनी के पास 50 हजार गोलियां रखने का लाइसेंस है।

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