आगामी जनगणना 2027 को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया, जिसमें मकान सूचीकरण और जनसंख्या गणना की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि जनगणना केवल संख्या गिनने का कार्य नहीं, बल्कि विकास योजनाओं और शासन की नीतियों का आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कार्य करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि संसाधन आवंटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण की योजनाओं के निर्धारण में जनगणना का डाटा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और सभी प्रक्रियाओं को समझकर ही मैदानी कार्य करें, ताकि जनगणना पारदर्शिता के साथ संपन्न हो। जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू किया जाएगा और इसे निश्चित समय‑सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑफिसर) मॉड्यूल, सीएमएमएस प्लेटफॉर्म और एचएलओ प्रबंधन प्रणाली की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा इनपुट, त्रुटि सुधार और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया का अभ्यास किया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि डेटा की गोपनीयता सर्वोपरि है और सभी अधिकारी नागरिकों को जनगणना के महत्व के बारे में जागरूक करें।संयुक्त कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी संदीप ठाकुर ने कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि जनगणना पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और समय‑बद्ध रूप से संपन्न हो। प्रशिक्षण में तकनीकी समस्याओं के समाधान के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षण में बताया- 2 चरणों में पूरी होगी हाउस लिस्टिंग प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना 2027 दो चरणों में होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण, जिसमें जिले के हर मकान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की उम्र, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय और अन्य जनसांख्यिकीय जानकारी संकलित की जाएगी। ट्रेनर ने मोबाइल वेब ऐप के उपयोग की जानकारी दी मास्टर ट्रेनर मनोज महिलांगे और बलवंत सौम्यकर ने अधिकारियों को जनगणना पदाधिकारी, प्रगणक और पर्यवेक्षक की भूमिका के साथ मोबाइल वेब ऐप के उपयोग की जानकारी दी। डेटा गोपनीयता, कानूनी प्रावधान और सुरक्षा नियमों पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों को जागरूक किया जाए कि वे सही और सटीक जानकारी दें, ताकि किसी प्रकार की भ्रामक सूचना न हो।


