कोटा के गुमानपुरा थाना परिसर में आज जनसहभागिता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें थाना क्षेत्र के बड़ी संख्या में आम नागरिक, व्यापारी वर्ग और CLG सदस्य शामिल हुए। शिविर में लोगों ने अपने-अपने इलाकों से जुड़ी समस्याओं और लंबे समय से लंबित कार्यों को लेकर सीधे कोटा सिटी एसपी और कोटा रेंज डीआईजी के समक्ष अपनी बात रखी। इस दौरान गुमानपुरा थाने के डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर आई शिकायत शिविर में सबसे बड़ी समस्या यातायात व्यवस्था को लेकर सामने आई। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आमजन और दुकानदारों को परेशानी होती है। कोटा डीआईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल ने बताया कि गुमानपुरा थाने में आयोजित जनसहभागिता शिविर में लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। ट्रैफिक समस्या को देखते हुए एक अतिरिक्त पुलिस इंस्पेक्टर को तैनात किया गया है, ताकि यातायात व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाया जा सके। साथ ही कोटा शहर को दो भागों में विभाजित कर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। डिकॉय ऑपरेशन के जरिए जुए और सट्टे पर कार्रवाई डीआईजी गोयल ने बताया कि ऑपरेशन गरुड़ के तहत अवैध मादक पदार्थों और नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जो पुलिस की बड़ी उपलब्धि है। कोटा सिटी एसपी द्वारा चलाए गए डिकॉय ऑपरेशन के जरिए जुए और सट्टे पर भी प्रभावी कार्रवाई की गई है। लगातार कार्रवाई से नशे के कारोबारियों में डर का माहौल बना है और शहर में नशे पर काफी हद तक अंकुश लगा है। एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले की तुलना में कहीं ज्यादा कार्रवाई की गई है। शिविर में आए व्यापारी वर्ग ने सुझाव दिया कि रात में दुकानों पर तैनात चौकीदार जब ड्यूटी पर जाएं, तो उनका थाने में पुलिस पंजीयन किया जाए, ताकि पुलिस उनकी मॉनिटरिंग कर सके और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके।


