गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र से आए एक किसान ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में जहर खा लिया। किसान अपनी जमीन पर दबंगों के कब्जे से परेशान था। जहर खाने के बाद किसान वहीं गिर पड़ा, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत संभाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना के वक्त ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाई। उन्होंने गिरते हुए किसान को सहारा दिया, पानी पिलाया और तुरंत उल्टी कराने का प्रयास किया। इसके बाद गंभीर हालत में किसान को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद प्रशासनिक अमले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। 4 साल से परेशान था किसान
ग्राम सागोरिया निवासी अर्जुन सिंह ढीमर पिछले चार वर्षों से अपनी पुश्तैनी जमीन पर दबंगों के कब्जे को लेकर परेशान चल रहे थे। उन्होंने प्रशासन को कई बार आवेदन दिए, लेकिन जब कोई समाधान नहीं मिला, तो वे मानसिक रूप से टूट चुके थे। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होने से निराश होकर अर्जुन ने जनसुनवाई में ही यह आत्मघाती कदम उठा लिया। कोर्ट के स्टे के बाद भी नहीं मिली जमीन
अर्जुन ने पुलिस अधीक्षक (SP) को दिए आवेदन में बताया था कि उनकी कृषि भूमि सर्वे नंबर 315/17/2 पर गांव के दबंगों ने बलपूर्वक कब्जा कर लिया है और उन्हें खेती नहीं करने दे रहे। न्यायालय ने सितंबर 2025 में इस भूमि पर स्थगन आदेश भी जारी किया था, इसके बावजूद दबंग आदेश की अवहेलना कर रहे थे। पैर काटने की देते थे धमकी
किसान ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया था कि दबंग उसे जान से मारने की धमकी देते थे। यहां तक कि जमीन पर कदम रखने पर दोनों पैर काटने की धमकी भी दी जा चुकी थी। पुलिस और प्रशासन से मदद न मिलने की पीड़ा और हताशा के कारण उसने यह कदम उठाया।


