राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर गुरुवार को भोपाल में महिलाओं से संबंधित मामलों की जनसुनवाई में शामिल हुईं। इस दौरान आईजी, कमिश्नर की गैर-मौजूदगी को लेकर रहाटकर ने नाराजगी जताई। उन्होंने भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से कहा कि हमारी किसी भी सुनवाई में आईजी-संभागायुक्त मौजूद रहते हैं। यहां पहली बार ऐसा हो रहा है कि आईजी और कमिश्नर नहीं आए। भोपाल कलेक्टर भी प्रोटोकॉल अटैंड कर एक अन्य मीटिंग के लिए सुनवाई छोड़कर बाहर जाना चाह रहे थे। रहाटकर ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर किसी मामले में पुलिस के खिलाफ शिकायत है, तो ऐसे मामले में अत्यधिक संवेदनशील रहने की जरूरत है। ऐसे मामलों में गंभीरता से जांच होनी चाहिए। एक शिकायत पर विवेचना अधिकारी ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान नाम के किसी अन्य व्यक्ति ने शिकायत की है। इस पर रहाटकर ने मामले की तह तक जाने को कहा। उन्होंने अफसरों से कहा कि अगर किसी मामले में शिकायत के बाद समझौते की स्थिति बनती है, अथवा महिला शिकायत से पीछे हट रही है, तो भी पुलिस को ऑब्जर्व करते रहना चाहिए। रहाटकर ने कहा कि कई बार महिलाओं द्वारा शिकायत के बाद सेटलमेंट होने की बात की जाती है और शिकायत वापस ली जाती है। इसके लिए वह आयोग में और पुलिस को लिखित में भी दे देती हैं पर पुलिस को यह जांच करना है कि कहीं किसी तरह के दबाव में तो महिला ने लिखित में शिकायत वापस नहीं ली है। किसी भी स्थिति में महिला के साथ अन्याय नहीं होने देना है। यह अधिकारियों को ध्यान रखना होगा। इससे पहले पुराने सचिवालय में दोपहर एक बजे जनसुनवाई शुरू हुई। इसमें भोपाल और आस-पास के जिलों की महिलाओं को बुलाया गया था। इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहने वाले थे। सुनवाई के दौरान सामने आने वाले मामलों में त्वरित निराकरण की कार्यवाही की जानी है। जनसुनवाई में राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रदेश के 30 गंभीर मामलों में सुनवाई की जाएगी। इसके साथ ही भोपाल और आस-पास के जिलों से आने वाली 90 से 100 शिकायतें भी सुनी जाएंगी। रहाटकर इसके बाद भोपाल संभागायुक्त कार्यालय में महिला थानों के अफसरों और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगी। राष्ट्रीय महिला आयोग ‘आपके द्वार’ कार्यक्रम में हो रही जनसुनवाई महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ‘आपके द्वार’ कार्यक्रम कर रहा है। इसके अंतर्गत जनसुनवाई के माध्यम से शिकायतें सुनी जा रही हैं। जनसुनवाई में महिलाओं के लंबित मामलों के समाधान और उनके मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी। आयोग ने भोपाल और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को समस्याओं की जानकारी देने के लिए बुलाया है। उन्हें कहा गया है कि यदि वे किसी प्रकार की समस्या से जूझ रही हैं, तो वे जनसुनवाई में भाग लेकर आयोग तक समस्या पहुंचाएं। महाराष्ट्र के औरंगाबाद की महापौर रही हैं विजया राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर इससे पहले 2016 से 2021 तक महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और 2007 से 2010 तक छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद ) की महापौर भी रह चुकी हैं। पुणे यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में ग्रेजुएट और इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट विजया को महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय कानून पुरस्कार और राष्ट्रीय साहित्यिक परिषद से सावित्री बाई फुले पुरस्कार मिल चुका है।


