धार जिले के राजगढ़ क्षेत्र में स्थित प्राचीन भोपावर जैन तीर्थ रविवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का केंद्र बन गया। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव यहां पूरे विधि-विधान और भव्यता के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मालवा अंचल ही नहीं, बल्कि प्रदेश और अन्य राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु भोपावर तीर्थ पहुंचे। सुबह से ही तीर्थ परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। चारों ओर मंत्रोच्चार, जयकारे और भक्ति संगीत की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। जन्म कल्याणक के मौके पर भोपावर के साथ-साथ अमिझरा और मोहनखेड़ा जैसे प्रमुख जैन तीर्थों पर भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। भोपावर तीर्थ पर धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत वासक्षेप पूजा से हुई। इसके बाद भगवान पार्श्वनाथ का पक्षाल चढ़ाया गया और केसर पूजा के साथ भव्य आरती संपन्न हुई। जैन और अजैन श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर वंदन किया और पुण्य लाभ अर्जित किया। महिला मंडल की ओर से भी विधिवत पूजा-पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता निभाई। जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर भोपावर जैन तीर्थ पर तीन दिवसीय मेले का भी आयोजन किया गया है। रविवार को मेले के दूसरे दिन भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं और आसपास के ग्रामीणों ने झूले, चकरियां और अन्य मनोरंजन साधनों का आनंद लिया। मेले में लगे विभिन्न स्टॉल्स पर लोगों ने प्रसाद और स्वादिष्ट व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी गई। कुल मिलाकर, भोपावर जैन तीर्थ पर आयोजित भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव आस्था, परंपरा और उत्सव का सुंदर संगम बनकर सामने आया, जिसने श्रद्धालुओं के मन में आध्यात्मिक उल्लास भर दिया।


