जबलपुर के पाटन में किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली:किसान विरोधी नियमों को लेकर प्रदर्शन, एसडीएम कार्यालय का घेराव किया

मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए नियमों के विरोध में जबलपुर के पाटन में किसानों ने बुधवार को आंदोलन किया और ट्रैक्टर रैली निकाली। ये रैली भारतीय किसान संगठन और संयुक्त किसान मंच के संयुक्त आवाहन पर निकली गई। इसमें एसडीएम कार्यालय का घेराव किया गया। रैली में जिलेभर के किसान शामिल हुए। इस दौरान पाटन में भारी पुलिस दल भी मौजूद रहा। किसानों ने एसडीएम को 11 मांगों वाला ज्ञापन सौंपा। दोपहर 1 बजे से प्रदर्शन शाम 7 बजे तक चलता रहा। आंदोलन के दौरान किसान पदाधिकारियों ने मंच से कहा, आज की रैली में किसान ज्ञापन देने नहीं आया है। ज्ञापन तो बहुत बार दे चुके हैं। इस बार हम मांगें मनवाने आए हैं। भारतीय किसान संगठन प्रदेश अध्यक्ष विवेक पटेल ने कहा, शासन ने किसानों से जो वादा खिलाफ और अत्याचार किया है उसके विरोध में हम जबलपुर के किसान मध्यप्रदेश के शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। आज यहां हमारे आवाहन पर छोटे बड़े किसान अपने ट्रैक्टरों और जिसके पास जो सुविधा हैं वैसे आए हैं।
हमने जिम्मेदार अधिकारियों से बात की उनके सामने अपनी मांग रखी। जब हमने पनागर में रैली की थी तब वहां के वरिष्ठ अधिकारियों ने हमने वादा किया था कि किसानों पर कोई एफआईआर नहीं की जाएगी। जिले के 167 किसानों को नोटिस देकर उनपर पराली जलाने को लेकर अर्थदंड लगाया गया है। घोषणा की जाती है कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली दी जाएगी, लेकिन अभी भी रात को 2 बजे बिजली दी जा रही है। शासन ने धान खरीदी के लिए 3100 रुपए का वादा किया था लेकिन वो वादा अभी भी पूरा नहीं हुआ है। हम किसानों पर किए गए झूठे मुकदमों को खत्म करना है और अपनी मांगे मनवानी है। मनवा कर रहेंगे। आंदोलन के आयोजकों ने कहा किसान गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। खलिहानों में रखी धान को अवैध बताकर सील किया जा रहा है, जिससे किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। वहीं धान खरीदी के दौरान पल्लेदारी के नाम पर 100 रुपए प्रति क्विंटल या 3 किलो धान प्रति क्विंटल वसूला जा रहा है, जिसे किसानों ने खुला अन्याय बताया है।
इसके अलावा किसानों ने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 10 घंटे निरंतर बिजली आपूर्ति को तत्काल लागू करने, खाद की प्रति एकड़ मात्रा बढ़ाने और वितरण प्रणाली को सरल करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि धान, गेहूं, उड़द और मूंग का पिछले वर्षों का लंबित भुगतान अब तक नहीं मिला है, जिसे शीघ्र जारी किया जाए। साथ ही बढ़ाए गए कृषि पंप कनेक्शनों को यथावत रखने की मांग भी की गई। किसानों की 11 मांगें और समस्याएं पाटन एसडीएम मृगेंद्र सिंह का कहना है- किसानों की कुछ मांगें हैं जैसे कि बिजली की हार्सपावर के कनेक्शन बढ़ाए गए हैं, बिजली रात के दी जा रही है, खाद ज्यादा दी जाए साथ ही खरीदी केंद्रों को लेकर भी उनकी शिकायतें हैं। उन्होंने ज्ञापन में सभी मांगों का जिक्र किया है। इसको लेकर जो यथोचित कार्रवाई होगी वो हम करेंगे। शासन के स्तर पर जो उनकी मांगें हैं, किसानों की बात शासन तक भी पहुंचाएंगे।

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