जबलपुर के ग्राम धनगवां के किसान राजा सेन (40) ने 15 दिसंबर की रात को कीटनाशक पी लिया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सिहोरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उसे कुछ साल पहले ननिहाल पक्ष से बंटवारे में 25 डिसमिल जमीन मिली थी। इसी जमीन पर वह खेती करता था। इस जमीन को लेकर मौसेरे भाईयों से विवाद चल रहा था। पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस बीच पुलिस को किसान के मोबाइल से एक वीडियो मिला। जिसे उसने आत्महत्या करने से पहले बनाया था। वीडियो में राजा ने गांव के ही अपने मौसेरे भाइयों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की बात कही है। वीडियो सामने आने के बाद सिहोरा पुलिस ने कौशल सेन और मुकेश सेन के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। किसान ने बनाया वीडियो-बोला मेरी जमीन है ये
राजा सेन ने अपने मोबाइल से बनाए वीडियो में बताया कि जहां मैं खड़ा हुआ हूं, ये मेरी जमीन है। मुकेश और कौशल सेन ने मेरा जीवन नरक बना दिया है। मेरी मृत्यु का कारण वहीं दोनों है। कुछ दिन पहले दोनों ने मिलकर मुझे बहुत मारा, मेरे हाथ-पैर तोड़ दिए। मुझे काम करने से लाचार कर दिया, जिसके चलते मेरे बच्चों का पालन-पोषण नहीं हो पा रहा है। वीडियो में राजा ने बताया कि अपनी ही जमीन के लिए तीन-चार साल से केस लड़ रहा हूं, पर सफलता कहीं नहीं मिल रही है, इसलिए अपना जीवन खत्म करने की स्थिति में आ गया हूं। थक चुका हूं, मजबूर हो गया हूं। घर के पीछे ही डेयरी खोले हुए, गोबर मेरे घर के सामने फेंक देते हैं। परिवार वालों के साथ कैसे रह रहा हूं, ईश्वर जानता है। राजा ने अपने वीडियो में कहा कि कोर्ट-कचहरी से थक चुका हूं, सरकार भी मदद नहीं कर रही है। कौशल-मुकेश के पैसे है, दादागिरी बता रहे है, गुंडागर्दी करते हैं। सरकारी कर्मचारी ने नहीं की मदद
राजा सेन ने अपने वीडियो में विनय असाटी का भी नाम लिया है, जो कि नेता बताया जा रहा है। राजा सेन ने सिस्टम पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों से भी कई बार हेल्प-हेल्प-हेल्प लेता रहा, उनसे मदद मांगता रहा, पर किसी ने मेरी नहीं सुनी। मेरी पहुंच नहीं है, तो कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। मैं थक चुका हूं, अब मेरी मौत से बढ़कर कुछ नहीं है। मेरे चाचा भैयालाल मेरे पिता जैसे ही, सबकुछ वहीं है। 14 तारीख, दिन शनिवार है, सुबह का समय है, मैं मर रहा हूं। श्री राम लाज रखना…जय श्रीराम। राजा सेन ने अपने मोबाइल से करीब छह मिनट का वीडियो बनाने के बाद आखिरकार 15 तारीख की रात को खेत में कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली। अप्रैल माह में तोड़ दिया था हाथ-पैर
जानकारी के मुताबिक अप्रैल माह में जमीन विवाद को लेकर कौशल सेन-मुकेश सेन ने अपने पूरे परिवार के साथ मिलकर राजा सेन के घर में घुसकर मारपीट की थी। दोनों भाइयों ने मिलकर इस कदर मारा था कि उसके दोनों हाथ-पैर टूट गए थे। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सिहोरा थाना पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी, पर पुलिस ने मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच करने की बात कही। घटना के बाद डरे राजा सेन ने पत्नी और तीन बच्चों के साथ गांव छोड़ दिया और अपनी ससुराल चिचली गांव में जाकर रहने लगा। जानकारी के मुताबिक 16 दिसंबर को राजा की बड़ी बेटी और बड़े बेटे की परीक्षा थी, वहीं दिलवाने के लिए 13 दिसंबर को वह गांव आया था। धनगवां आते ही दोनों भाई कौशल और मुकेश उसे फिर से जान से मारने की धमकी देने लगे। शव रखकर किया था जाम राजा का पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन बॉडी लेकर सीधे गांव पहुंचे और फिर नागपुर-प्रयागराज हाईवे पर जाम लगा दिया। मृतक की पत्नी सपना ने आरोप लगाया कि अप्रैल माह में दोनों रिश्तेदारों और उनके परिजनों ने जमीन को घर में घुसकर राजा के साथ इतनी मारपीट की की उसके हाथ और पैर टूट गए करीब एक माह तक वह अस्पताल में भर्ती था। राजा को जमीन को लेकर लगातार धमकियां दी जा रही थीं।जिससे परेशान होकर पति ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। मौत के लिए उसके रिश्तेदार और उनके बेटे दोषी हैं। करीब एक घंटे तक हाईवे पूरी तरह जम रहा। वीडियो के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार
15 दिसंबर की रात को किसान राजा सेन ने आत्महत्या की। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी। इस बीच 20 दिसंबर को जब राजा का मोबाइल पत्नी सपना ने चेक किया तो देखा कि राजा ने छह मिनट का वीडियो बनाया है। वीडियो के आधार पर सिहोरा थाना पुलिस ने जांच शुरू की और शनिवार को गांव से कौशल सेन और मुकेश सेन को गिरफ्तार किया है। एएसपी आनंद कलादगी ने बताया- आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं के तहत दोनों भाइयों के गिरफ्तार की गई है। आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं के तहत दोनों भाइयों के गिरफ्तार की गई है।


