जबलपुर कलेक्टर कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि घरेलू गैस सिलेंडर तय दर से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसमें सामने आया कि शहर की कई रसोई गैस एजेंसियां ग्राहकों से प्रति सिलेंडर 150 से 200 रुपए तक अधिक वसूली कर रही हैं। शुरुआती जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद बुधवार को कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्राहक बनाकर गैस एजेंसियों में भेजा। जांच अधिकारी खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों पर पहुंचे और भरे हुए सिलेंडर की मांग की। इस दौरान न केवल अधिक राशि वसूल की गई, बल्कि पूरे मामले के वीडियो भी बनाए गए, जिन्हें बाद में कलेक्टर को सौंपा गया। जांच में यह पाया गया कि शहर की 12 गैस एजेंसियों द्वारा निर्धारित दर 860 रुपए के स्थान पर 1,000 से 1,400 रुपए तक लेकर घरेलू गैस सिलेंडर बेचे गए। इतना ही नहीं, गैर-पंजीकृत उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया गया, जिसका रिकॉर्ड भी जांच दल के पास है। कलेक्टर ने दोषी पाए गए सभी 12 रसोई गैस वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए गए गैस वितरक अथर्व गैस एजेंसी, बलदेवबाग – अमित अग्रवाल दीप गैस एजेंसी, संजीवनी नगर – आकाश नेचलानी मदनमहल गैस कंपनी, मदनमहल – सुलभ नाईक विश्वनाथ गैस एजेंसी, गोहलपुर – सौरभ अग्रवाल आकांक्षा गैस एजेंसी, आधारताल – सौरभ सिंह जाट गुजराल गैस एजेंसी, सदर – श्रीमती तविन्दर कौर गुजराल उदयन गैस एजेंसी, रांझी – श्रीमती नुपुर ठाकुर दुबे गैस एजेंसी, विजय नगर – गुलाब दुबे ओम इंडेन गैस एजेंसी, रांझी – अनिल रावतेल साईं विश्वा गैस एजेंसी, कांचघर – विनीत कुमार वाजपेयी मित्तल गैस एजेंसी, कटंगा – शरद मित्तल शंकर गैस एजेंसी, भेड़ाघाट – विनय शंकर श्रीवास्तव कारण बताओ नोटिस में उल्लेख किया गया है कि गैस एजेंसी संचालकों एवं उनके कर्मचारियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी कर अधिक लाभ कमाने का प्रयास किया गया, जो कि द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 की कंडिका 3(3), 4(2), 9(घ) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 सहपठित धारा 7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि घरेलू रसोई गैस के दुरुपयोग और व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


