जबलपुर में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के विरोध में कांग्रेस ने अनूठा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता हाथों में घंटा लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और बाहर खड़े होकर घंटियां बजाईं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर जब एक मीडियाकर्मी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया, तो उनका जवाब बेहद खराब था। इसी के विरोध में कार्यकर्ता घंटा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार और मंत्री से सवाल किया कि इंदौर में हुई मौतों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। प्रदर्शन के दौरान घंटियां बजने की आवाज और अलग अंदाज के कारण आसपास मौजूद लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। बुधवार को इंदौर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से एक पत्रकार ने प्रभावित इलाकों में लंबित रिफंड और पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल किया। पत्रकार ने कहा कि कई लोगों को अब तक रिफंड नहीं मिला है और पानी की समस्या पूरी तरह से हल नहीं हुई है। इस सवाल पर मंत्री ने झल्लाते हुए कहा, “छोड़ो यार, तुम फोकट के प्रश्न मत पूछो।” पत्रकार ने आपत्ति जताई और कहा कि यह कोई फोकट सवाल नहीं है, वह खुद मौके पर जाकर हालात देख चुके हैं। मंत्री ने जवाब में ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर पत्रकार ने लहजे और शब्दों के चयन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “कैलाश जी, बात ठीक से कीजिए, शब्दों का चयन ठीक करें।” दोनों के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामला और बढ़ गया। कांग्रेस के नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने कहा कि भाजपा खुद को सभ्य पार्टी बताती है, लेकिन उसी दल के एक वरिष्ठ मंत्री का पत्रकारों के साथ लहजा शर्मनाक है। उन्होंने पूछा कि लोकतंत्र में मीडिया को सवाल पूछने की अनुमति नहीं है क्या?। सौरभ शर्मा ने बताया कि कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से यह संदेश गया कि आप केवल वही सवाल पूछिए जिसमें हम सहज हैं, अन्यथा अभद्रता की जाएगी। उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय उम्र के अंतिम पड़ाव में हैं और उनका उद्देश्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना है। यह पूरा प्रयास नहीं होने पर वह कभी महिलाओं या बच्चियों पर, कभी पत्रकारों के साथ अभद्र टिप्पणी करके अपना रोष व्यक्त करते हैं। नगर अध्यक्ष ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति लायन ऑर्डर जैसी नहीं है। उन्होंने सीएम से मांग की कि फौरन कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा लिया जाए। सौरभ शर्मा ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि प्रदेश कांग्रेस हमेशा उनके साथ खड़ी है और उन्हें सवाल पूछने से कोई डर नहीं होना चाहिए।


