जमशेदपुर में ट्रांसपोर्टर की गोली मारकर हत्या:10 साल बाद बेटे ने पिता के मर्डर का लिया बदला, 2014 में भाजपा नेता की हुई थी हत्या

मानगो गुरुद्वारा रोड में रविवार की रात 7.45 बजे पूर्व कांग्रेस नेता व विधानसभा में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले जितेंद्र सिंह के छोटे भाई ट्रांसपोर्टर संतोष सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पहले हमलावरों से बचने के लिए संतोष नानक स्टोर के पास ईवी स्कूटी छोड़कर 250 मीटर दौड़ते हुए कंचन दत्ता उर्फ संटू के घर में जान बचाने के लिए घुस गए। लेकिन बदमाश पीछा करते हुए घर में घुसे और टीवी वाले कमरे में सभी के सामने गोली मारकर हत्या कर दी और भाग गए। घटना के वक्त गली की स्ट्रीट लाइट बंद थी। हत्या के तुरंत बाद लाइट आ गई। 10 राउंड गोली चली। पुलिस ने 8 खोखा बरामद किया है। हत्या का आरोप मानगो गुरुद्वारा बस्ती में भाजपा नेता डब्बू दीक्षित के बेटे रोहित दीक्षित और उसके साथियों पर लगा है। भतीजी की शादी का कार्ड बांट कर लौट रहे थे संतोष सिंह स्कूटी से मानगो पोस्ट ऑफिस रोड से भतीजी की शादी का कार्ड बांट कर गुरुद्वारा रोड मजार के पास अपने घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में नानक स्टोर के पास चार-पांच बदमाशों ने घेर लिया और गोली मारने लगे। सीसीटीवी में दिख रहा है कि संतोष अपनी इवी स्कूटी समेत लड़खड़ाते हुए जमीन पर गिर पड़े। फिर उठकर वहां से भागने लगे। गलियों में भाग रहे संतोष सिंह का बदमाश पीछा कर रहे हैं। उनके हाथ में पिस्टल है और फायरिंग कर रहे हैं। एक बदमाश सफेद रंग की स्कूटी से था। घटनास्थल पर सिटी एसपी कुमार शिवाशीष और मानगो थानेदार निरंजन कुमार ने पहुंचकर छानबीन की। फुटेज में हमलावरों की पहचान करने के बाद रोहित दीक्षित और उसके साथियों की तलाश में छापेमारी जारी है। रोहित के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 12 सितंबर 2014 को हुई थी डब्बू दीक्षित की हत्या मानगो गुरुद्वारा रोड में भाजपा नेता डब्बू दीक्षित की 12 सितंबर 2014 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 14 सितंबर को पुलिस ने डब्बू हत्याकांड में संतोष सिंह (अभी मृत) व उनके बड़े भाई जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। डब्बू दीक्षित की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे रोहित ने घटना को अंजाम दिया। मैं कुर्सी पर बाहर बैठा हुआ था, तभी युवक घर में घुस गए जिनके घर में गोली मारी गई उन्होंने बताया – हम अपने घर के बाहर आंगन में कुर्सी पर बैठे हुए थे। पत्नी लक्ष्मी दत्ता अंदर के कमरे में टीवी देख रही थी। दो बच्चे घर के बाहर आसपास के खेल रहे थे। उस वक्त स्ट्रीट लाइट बंद थी। तभी एक युवक घर के अंदर घुस गया उसके पीछे दो लोग और घुसे वे कमरे में चले गए। टीवी वाले कमरे में हथियार लिया हुआ युवक ने पिस्तौल तान दी और धमकी दी कि कोई गेट बंद न करे। हम अपने दोनों हाथों को उठा कर सरेंडर कर गए। पत्नी कमरे से घर के पीछे की ओर भागी। इस बीच जोर की आवाज आई। फिर वे लोग निकलकर भागे। हम उनको नहीं पहचानते हैं।

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