जमशेदपुर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर AITUC ने बाइक रैली का आयोजन किया। रैली राहरगोड़ा कार्यालय से शुरू होकर साकची शहीद स्थल तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक और ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता शामिल हुए। AITUC के वरिष्ठ नेता अंबुज ठाकुर ने केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह कानून मजदूर विरोधी है। इससे श्रमिकों के अधिकारों को नुकसान होगा। कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्थायित्व भी प्रभावित होगा। न्यूनतम वेतन में वृद्धि की मांग शामिल सभा में वक्ताओं ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। इनमें न्यूनतम वेतन में वृद्धि की मांग शामिल थी। ठेका प्रथा को समाप्त कर स्थायी रोजगार की मांग की गई। महिला श्रमिकों के अधिकारों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि श्रमिकों से जुड़े फैसलों में ट्रेड यूनियनों से विचार-विमर्श किया जाए। सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा और पेंशन का अधिकार मिले। कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए। अंबुज ठाकुर ने श्रमिकों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया।


